हाईकोर्ट लिपिक भर्ती में ब्लूटूथ नकल का पर्दाफाश, स्पेन से मंगाया गया स्पाई कैमरा
नकल हाईकोर्ट लिपिक भर्ती परीक्षा में बड़े स्तर पर की जा रही थी, जिसका खुलासा राजस्थान SOG ने शनिवार को किया। जयपुर में हुई संयुक्त कार्रवाई के दौरान SOG ने नकल गिरोह के मास्टरमाइंड अनिल मीणा (उम्र 32, धौलपुर), तकनीकी सपोर्ट देने वाले विक्रम सिंह (उम्र 29, भरतपुर) सहित कुल पाँच आरोपियों को पकड़ लिया। जांच में सामने आया कि गिरोह ने परीक्षा में ब्लूटूथ डिवाइस और माइक्रो स्पाई कैमरा का इस्तेमाल किया था, जिसे विशेष रूप से स्पेन से मंगवाया गया था।
SOG के अनुसार, परीक्षा केंद्र जयपुर, कोटा और अलवर के कई रूमों में उम्मीदवारों को पहले से तैयार किए गए ईयर-बड ब्लूटूथ डिवाइस दिए गए थे। उम्मीदवारों ने शर्ट और पेन में फिट किए गए माइक्रो कैमरों से प्रश्न-पत्र बाहर भेजे, जिसके बाद गिरोह के सदस्य उत्तर तुरंत लौटाते थे। यह पूरा सेटअप एक अंतरराज्यीय तकनीकी मॉड्यूल के जरिए चलाया जा रहा था।
टीमें अब गिरोह के फाइनेंसर, डिवाइस सप्लायर और अन्य उम्मीदवारों की भूमिका की जांच कर रही हैं। SOG ने बताया कि स्पेन से मंगाया गया कैमरा सिर्फ 8 ग्राम वजन का था और कपड़ों के बटन में आसानी से फिट हो जाता था। पुलिस ने तमाम इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस, लैपटॉप, कैमरा सेट और रिकॉर्ड्स जब्त किए हैं।
राजस्थान हाईकोर्ट प्रशासन ने SOG रिपोर्ट के आधार पर परीक्षा प्रक्रिया की अलग से समीक्षा शुरू कर दी है। कई और गिरफ्तारियों की संभावना जताई जा रही है।
Author: Umesh Kumar
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