राजस्थान पुलिस जांबाज़ों की पहचान अब पीछे से दिखाएगी, नया नियम लागू
पुलिस: राजस्थान में अब एक बड़ा बदलाव लागू किया गया है, जिसके तहत किसी भी पुलिस जांबाज़ (शूरवीर, सम्मानित या ऑपरेशन में शामिल कर्मी) का चेहरा सार्वजनिक रूप से नहीं दिखाया जाएगा। यह निर्णय सुरक्षा कारणों और संवेदनशील ऑपरेशनों में पुलिसकर्मियों की पहचान सुरक्षित रखने के उद्देश्य से लिया गया है।
पुलिस मुख्यालय, जयपुर से जारी निर्देशों के अनुसार अब सम्मान समारोह, वीरता पुरस्कार, या किसी विशेष उपलब्धि के प्रचार प्रसार में पुलिसकर्मियों की तस्वीरें सामने से नहीं ली जाएंगी। उनकी पहचान केवल पीछे से ली गई तस्वीरों, छाया, या बैक-एंगल दृश्य के माध्यम से दिखाई जाएगी।
यह नियम विशेष रूप से उन इकाइयों पर लागू होगा जो ATS, SOG, स्पेशल ऑपरेशंस, साइबर यूनिट और संवेदनशील मामलों से जुड़ी टीमों में कार्यरत हैं।
अधिकारियों ने बताया कि कई मामलों में ऑपरेशन के बाद पुलिसकर्मियों पर बाहरी दबाव, धमकियाँ या बदले की कार्रवाई की आशंका बढ़ जाती है। इसी को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है, ताकि उनके परिवार और टीम की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
नई गाइडलाइन के अंतर्गत सभी जिला पुलिस अधीक्षकों को आदेश दिया गया है कि मीडिया ब्रीफिंग, सोशल मीडिया पोस्ट, और सरकारी प्रचार सामग्री में किसी भी जांबाज़ का चेहरा न दिखाया जाए। केवल नाम, उपलब्धि और विभागीय विवरण साझा किए जा सकेंगे।
पुलिस का मानना है कि यह व्यवस्था आने वाले समय में संवेदनशील ऑपरेशनों की गोपनीयता को और मजबूत करेगी।
Author: Umesh Kumar
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