कैबकिराया अब सरकार तय करेगी, ड्राइवर को 80% मिलेगा

राजस्थान में कैब किराया अब सरकार तय करेगी, एग्रीगेटर पॉलिसी लागू

जयपुर (राजस्थान) — राजस्थान सरकार ने “राजस्थान मोटर व्हीकल एग्रीगेटर रूल्स 2025” को आधिकारिक रूप से लागू कर दिया है, जिससे कैबकिराया और कैब कंपनियों के संचालन पर सरकारी नियंत्रण मजबूत होगा। नई नीति के अनुसार, अब कैब का बोली गया किराया (fare) सरकार तय करेगी और इसमें पारदर्शिता व सुरक्षा के नियम शामिल होंगे। Amar Ujala+1

राजस्थान परिवहन विभाग की ओर से जारी नीति में यह स्पष्ट किया गया है कि अब ओला, उबर, रिपिडो जैसी कैब एग्रीगेटर कंपनियों को लाइसेंस प्राप्त करना अनिवार्य होगा तथा किराया सरकार द्वारा निर्धारित बेस रेट पर आधारित होगा। इसके अलावा, किराया मिलने वाला 80% हिस्सा सीधे वाहन मालिक या ड्राइवर को मिलेगा, जिससे ड्राइवरों की आमदनी को सुरक्षित किया जा सके। Amar Ujala+1


क्या बदलेगा कैबकिराया मॉडल?

नई एग्रीगेटर पॉलिसी के तहत अब कैब कंपनियां मनमानी किराया तय नहीं कर सकेंगी। परिवहन विभाग ने बताया है कि सरकार द्वारा निर्धारित किराया ही ग्राहकों से वसूला जाएगा। इस किराये का 80% हिस्सा ड्राइवर/वाहन मालिक को देगा जाएगा और शेष हिस्सा कंपनी के कमीशन तथा सेवा शुल्क के रूप में रखा जा सकता है। इसका उद्देश्य है कि ड्राइवरों को अधिक लाभ मिले और किराया भी उपभोक्ताओं के लिए पारदर्शी रहे। Amar Ujala+1

इसके अलावा पॉलिसी में यह भी शामिल है कि हर कैब कंपनी के पास एक स्थायी कार्यालय होना चाहिए, जहां अधिकृत कर्मी तथा नियंत्रण कक्ष मौजूद रहे। वाहन मालिकों और ड्राइवरों के लिए यह व्यवस्था सुनिश्चित करेगी कि किसी भी विवाद की स्थिति में तुरंत सहायता उपलब्ध हो। Patrika News


सुरक्षा नियम और पेनल्टी प्रावधान

राजस्थान परिवहन विभाग ने कैब सेवाओं को सुरक्षित और जिम्मेदार बनाने के लिए सुरक्षा नियमों को भी मजबूती से लागू किया है। इसके तहत यात्रियों के लिए 24×7 सक्रिय नियंत्रण कक्ष रखना अनिवार्य होगा, जिससे आपात स्थिति में तुरंत सहायता मिल सके। मोबाइल एप पर पैनिक बटन, लाइव लोकेशन शेयरिंग और हेल्थ तथा इंश्योरेंस कवरेज जैसे प्रावधान भी शामिल किए गए हैं। Amar Ujala

कैर कैंसिल करने की स्थिति में भी ₹100 तक की पेनल्टी लागू हो सकती है, यदि ड्राइवर या यात्री बिना मान्यता प्राप्त कारण सवारी राइड रद्द करता है। इससे किराये पर पारदर्शिता और विश्वसनीयता बनी रहेगी। Navbharat Times


ड्राइवरों और यात्रियों के लिए बदलाव

पॉलिसी का सबसे बड़ा असर ड्राइवरों और मालिकों की आमदनी पर सकारात्मक होगा, क्योंकि किराये का 80% हिस्सा उन्हें सीधे मिलेगा, जिससे वे बेहतर सेवाएं दे सकेंगे। इस कदम को डिजिटल और ऑन-डिमांड ट्रांसपोर्ट सेवाओं में पारदर्शिता बढ़ाने वाला बदलाव माना जा रहा है। Amar Ujala

यात्रियों के लिए भी यह व्यवस्था फ़ायदेमंद है—क्योंकि अब किराया सरकार द्वारा तय दिशानिर्देशों के आधार पर तय होगा और मनमानी चार्जिंग की संभावना कम होगी। साथ ही सुरक्षा सुविधाओं से यात्रियों को भरोसा मिलेगा कि सेवाएं अधिक संरक्षित ढंग से उपलब्ध होंगी। Amar Ujala


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Author: Umesh Kumar

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