ओपन स्कूल छात्रों को ऑन-डिमांड एग्जाम का अधिकार; प्रार्थना-सम्बंधित बयान की पुष्टि नहीं
जयपुर (राजस्थान) — शिक्षा के क्षेत्र में ओपनस्कूल के छात्रों को अब अपनी सुविधा अनुसार परीक्षा देने का अधिकार मिलने की व्यवस्था लागू की जा रही है। शिक्षा अधिकारीयों के अनुसार यह पहल छात्रों को अधिक लचीलापन प्रदान करेगी और उनकी पढ़ाई को पारंपरिक बाधाओं से मुक्त करेगी। हरिभूमि
इसी बीच यह जानकारी भी सोशल मीडिया और कुछ अनधिकृत चैनलों पर वायरल हुई कि “स्कूल की प्रार्थना में स्टूडेंट न्यूज पेपर पढ़ेंगे” और शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने इसे लागू करने के लिए निर्देश दिए हैं। हालांकि, इस प्रकार के प्रार्थना-सम्बंधित बयान का किसी विश्वसनीय समाचार स्रोत या शिक्षा विभाग के आधिकारिक बयान में कोई उल्लेख नहीं मिलता है। किसी भी सरकारी प्रेस रिलीज, विभागीय नोटिफिकेशन या प्रमाणीकरण से यह बात पुष्टि नहीं हुई है, इसलिए इसे तथ्य के रूप में पेश नहीं किया जा सकता।
वहीं, ओपनस्कूल व्यवस्था के तहत छात्रों के लिए “ऑन-डिमांड एग्जाम” का निर्णय पहले से ही लागू है। राजस्थान स्टेट ओपन स्कूल (RSOS) ने घोषणा की है कि 1 जुलाई 2025 से यह नया परीक्षा मॉडल लागू होगा, जिससे वे जिस विषय और तारीख पर तैयार हों, उसी पर परीक्षा दे सकेंगे। इस नवीन प्रणाली से छात्र अपनी तैयारी और व्यक्तिगत परिस्थितियों के अनुरूप परीक्षा देने की लचीलापन प्राप्त करेंगे, जो पारंपरिक बोर्ड परीक्षा तिथियों के बजाय उन्हें अधिक नियंत्रण देगा। हरिभूमि
राजस्थान स्टेट ओपन स्कूल लगभग 1.50 लाख छात्रों को माध्यमिक (10वीं) और वरिष्ठ माध्यमिक (12वीं) स्तर पर शिक्षा प्रदान करता है। शिक्षा विभाग ने बताया कि यह नया ऑन-डिमांड परीक्षा सिस्टम विशेष रूप से उन छात्रों के लिए उपयोगी होगा जो किसी निजी वजह, रोजगार या व्यक्तिगत परिस्थितियों के कारण नियमित बोर्ड परीक्षा तिथियों पर उपस्थित नहीं हो पाते हैं। हरिभूमि
सरकार के अधिकारियों का कहना है कि इस मॉडल के तहत छात्र अपनी पसंद की परीक्षा तिथि, विषय और परीक्षा केंद्र चुन सकते हैं। वे चाहें तो सबसे पहले किसी विषय की परीक्षा देकर बेहतर प्रदर्शन दिखा सकते हैं और फिर आवश्यकता अनुसार उसी विषय को दोबारा दे भी सकते हैं। यह पारदर्शी और डिजिटल प्रक्रिया वेबसाइट के माध्यम से संचालित की जाएगी। हरिभूमि
इसके अलावा शैक्षिक विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के डिमांड-आधारित एग्जाम मॉडल से छात्रों का आत्मविश्वास बढ़ेगा और वे अपनी तैयारी के अनुसार समय तय कर पाएंगे। इससे मानसिक दबाव भी कम होगा और शिक्षा तक उनकी पहुंच अधिक समावेशी बनेगी। हरिभूमि
दूसरी ओर, कुछ अभिभावकों ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि इससे बच्चों को अपनी पढ़ाई में समय और सुविधा के अनुसार परीक्षा देने का अवसर मिलेगा। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि इस बदलाव के लागू होने के बाद प्राथमिक मार्गदर्शन और सूचना सुनिश्चित हो ताकि सभी छात्र बिना किसी कठिनाई के नए सिस्टम का लाभ उठा सकें।
शिक्षा विभाग के प्रवक्ता ने पुष्टि की है कि “ओपनस्कूल छात्रों के लिए ऑन-डिमांड एग्जाम लागू किया जा रहा है और इसके लिए आवश्यक सभी तकनीकी तथा प्रशासनिक तैयारियां पूरी की जा रही हैं”।
Author: Umesh Kumar
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