आत्महत्या: चूरू में युवक ने कमरे में फंदा लगाकर दी जान

चूरू: युवक ने कमरे में फंदा लगाकर की आत्महत्या, तनाव के कारण गंभीर हालात

चूरू (राजस्थान) – जिले में आत्महत्या का एक दुखद मामला सामने आया है, जहाँ एक युवक ने अपने घर के कमरे में फंदा लगाकर जीवन समाप्त कर लिया। घटना की सूचना मिलने पर स्थानीय राजकीय अस्पताल मोर्चरी तथा पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस और परिजन प्रारंभिक तौर पर जांच में जुटे हैं, जबकि मृतक का शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।

यह घटना चूरू शहर के रतनगढ़ क्षेत्र में उस फ्लैट में हुई, जहाँ मृतक युवक अपने परिवार के साथ रहता था। मौके पर पहुंची पुलिस ने कमरे का दरवाज़ा अंदर से बंद पाया और घर के सदस्य जब अंदर नहीं आए तो उन्होंने दरवाज़ा खुलवाया। अंदर फंदे पर युवक लटका मिला, जिसके बाद पुलिस ने शव को नीचे उतारकर मेडिकल परीक्षण हेतु पीएम के लिए भेज दिया। Facebook

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मृतक 45 वर्षीय अमित गोयल (पहचान स्थानीय फोटोज़ शेयरिंग प्लेटफ़ॉर्म समेत सोशल मीडिया पर सामने आई रिपोर्ट के आधार पर) शहर के पास स्थित लोहिया कॉलेज के पास एक फ्लैट में रहता था। शुरुआती जांच में पता चला कि वह पिछले कुछ समय से मानसिक रूप से परेशान चल रहा था और तनाव की स्थिति में था, लेकिन आत्महत्या का स्पष्ट कारण अभी पुलिस द्वारा पुष्टि नहीं हुआ हैX (formerly Twitter)

परिजनों ने पुलिस को बताया कि मृतक अक्सर खुद को अकेला महसूस करता था और वह लंबे समय से निजी परेशानियों के बारे में बोलता भी रहता था। इसी कारण उसके मानसिक तनाव की रिपोर्ट आसपास के लोगों से भी सामने आई थी, लेकिन किसी ने गंभीर रूप से इसका इलाज या सलाह नहीं करवाया। पुलिस बताया कि खुदकुशी से पहले किसी सुसाइड नोट की भी जानकारी अभी तक नहीं मिली है, और इसी पर पार्टी सदस्यों को भी खंगालना जारी है।

घटना की जानकारी मिलते ही नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे कमरे का निरीक्षण किया। पुलिस ने शव को पीएम के लिए अस्पताल भेजते हुए आत्महत्या के कारणों की जांच जारी रखी है। जांच अधिकारी ने कहा कि परिजनों और आसपास के लोगों से पूछताछ जारी है ताकि यह पता लगाया जा सके कि युवक ने यह कदम क्यों उठाया।

राजस्थान में पिछले कुछ महीनों में तनाव और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी आत्महत्या के कई मामले सामने आए हैं, जिनमें युवा और मध्यवर्गीय लोग शामिल हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि परिवार और समुदाय को मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक होना चाहिए और किसी भी तनाव के संकेत को गंभीरता से लेना चाहिए। Amar Ujala

पुलिस का कहना है कि आत्महत्या के ऐसे मामलों में हमेशा खुलेआम बातचीत, मानसिक स्वास्थ्य सहायता और परिवार की तरफ़ से सहयोग की आवश्यकता होती है। उन्होंने लोगों से आग्रह किया है कि यदि किसी को मानसिक परेशानियों के संकेत दिखते हैं तो वे साइको-सोशल सहायता, चिकित्सकीय सलाह और आवश्यक मदद लें।

आत्महत्या की इस घटना ने पूरे इलाके में शोक का माहौल बना दिया है। परिजन और रिश्तेदार मानते हैं कि यदि समय रहते मदद मिलती, तो इस दुखद कदम को टाला जा सकता था।

Umesh Kumar
Author: Umesh Kumar

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