जयपुर सेंट्रल जेल: टॉयलेट से मिला मोबाइल-सिम, सुरक्षा में बड़ा सवाल
जयपुर (राजस्थान) — राजधानी के जयपुर सेंट्रल जेल की जेल सुरक्षा व्यवस्था फिर से सवालों के घेरे में आ गई है। एक नियमित तलाशी अभियान के दौरान जेल के टॉयलेट के पास एक मोबाइल फोन और सिम कार्ड लावारिस हालत में पाया गया, जिससे यह स्पष्ट होता है कि प्रतिबंधित सामान कैदियों तक कैसे पहुँच रहा है, इस पर गंभीर जांच की आवश्यकता है। https://rajasthan.ndtv.in/
यह घटना मंगलवार दोपहर की है, जब जेल प्रशासन ने वार्ड नंबर दो के पास से शौचालय के नज़दीक मोबाईल और सिम बरामद किया। जेल अधिकारीयों ने तत्काल इसे जब्त कर लालकोठी थाना में एक एफआईआर दर्ज कराई है और जांच अधिकारी हेड कांस्टेबल जुगल किशोर इस मामले की छानबीन कर रहे हैं। प्रारंभिक अनुमान है कि यह फोन किसी कैदी द्वारा उपयोग किया जा रहा था, लेकिन जैसे ही नियमित तलाशी अभियान की जानकारी उसे मिली, उसने इसे फेंक दिया। https://rajasthan.ndtv.in/
जयपुर सेंट्रल जेल को राज्य के हाई-सिक्योरिटी जेलों में गिना जाता है, लेकिन पिछले कुछ समय में यहाँ प्रतिबंधित सामग्री की लगातार बरामदगी से सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। इसी साल अगस्त में भी तीन दिनों के भीतर जेल से एक मोबाइल फोन और सिम कार्ड बरामद हुए थे, जो वार्ड के शौचालय के पास मिले थे। यह दूसरी बार है जब इसी शाखा से ऐसे प्रतिबंधित सामान मिल रहा है, जिससे जेल में सुरक्षा व्यवस्था की खामियों का पता चलता है। https://rajasthan.ndtv.in/
जेल के अंदर मोबाइल फोन के प्रवेश से जुड़े मामलों ने पहले भी प्रशासन की कार्यप्रणाली पर प्रश्न उठाए हैं। जेल में उपकरणों के माध्यम से कैदियों को मोबाइल फोन मिलना, बाहरी अपराधियों से संपर्क करना और जेल के भीतर से ही आपराधिक नेटवर्क चलाना सुरक्षा अधिकारियों के लिए बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि मोबाइल फोन के जरिए कैदी बाहर के संपर्क में रहकर अपराध योजनाओं को अंजाम दे सकते हैं, रंगदारी मांग सकते हैं और बाहरी संगठनों से संवाद भी कर सकते हैं। https://rajasthan.ndtv.in/
जयपुर सेंट्रल जेल में प्रतिबंधित वस्तुओं की सप्लाई की वजह से जेल प्रशासन पहले भी निशाने पर रहा है। जेल से बार-बार मोबाइल फोन, सिम कार्ड और नशीले पदार्थ मिलने की घटनाओं के कारण सुरक्षा मानकों की समीक्षा की जा रही है। कई मामलों में जेल के अंदर से जुड़े गिरोहों के कनेक्शन भी प्रकाश में आए हैं, और आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कार्यवाही की जा चुकी है। https://rajasthan.ndtv.in/
पिछले कुछ मामलों में पुलिस ने यह भी पाया है कि सीसीटीवी फूटेज और कॉल रिकॉर्ड से यह स्पष्ट किया जा सकता है कि मोबाइल फोन का उपयोग कौन कर रहा था और किस तरह यह inside phone network कार्य कर रहा है। प्रशासन ने अपनी तरफ़ से हर संभव उपाय किए हैं, लेकिन निरंतर मामलों के उजागर होने से यह साबित होता है कि जेल की सुरक्षा प्रणाली में और कड़े नियंत्रण की आवश्यकता है। https://rajasthan.ndtv.in/
जेल अधिकारीयों ने बताया कि इस मामले में चल रही जांच में यह पता लगाया जाएगा कि मोबाइल-सिम जेल के अंदर कैसे पहुँचा और कौन इसका उपयोग कर रहा था। जिन प्रतिबंधित वस्तुओं की ज़मानत जेल के भीतर वर्जित है, उनसे जुड़े नेटवर्क तथा किसी भी संभावित सामाजिक और आपराधिक गतिविधि की अतिरिक्त जांच भी चल रही है। https://rajasthan.ndtv.in/
Author: Umesh Kumar
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