नकली दूध पर सख्ती: मोबाइल लैब से होगी मौके पर जांच
राजस्थान में दूध और अन्य खाद्य उत्पादों में मिलावट पर लगाम लगाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने बड़ी पहल की है। अब राज्य स्वास्थ्य एवं खाद्य सुरक्षा विभाग की मोबाइल फूड टेस्टिंग लैब शहरों के साथ-साथ कस्बों और ग्रामीण इलाकों तक पहुंचेगी। इसका उद्देश्य आम लोगों को शुद्ध दूध और सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना है।
यह योजना जयपुर से शुरू की गई है और आने वाले दिनों में इसे पूरे प्रदेश में चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। विभाग के अनुसार, मोबाइल लैब के जरिए मौके पर ही दूध, घी, पनीर, मसाले और अन्य खाद्य पदार्थों की जांच की जाएगी। इससे मिलावटखोरों पर तत्काल कार्रवाई संभव हो सकेगी।
कस्बों तक पहुंचेगी जांच सुविधा
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि अब तक खाद्य पदार्थों की जांच के लिए सैंपल लैब भेजने पड़ते थे, जिसमें समय लगता था। वहीं अब मोबाइल लैब से दूध की शुद्धता की प्राथमिक जांच तुरंत की जा सकेगी। इसी बीच यदि किसी सैंपल में संदेह पाया जाता है, तो उसे आगे की विस्तृत जांच के लिए अधिकृत प्रयोगशाला भेजा जाएगा।
वहीं विभाग का कहना है कि कस्बों और दूरदराज इलाकों में मिलावट की शिकायतें लगातार सामने आ रही थीं। इसलिए यह निर्णय लिया गया कि जांच सुविधा लोगों के दरवाजे तक पहुंचाई जाए।
विभाग की कार्रवाई और बयान
खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने बताया, “मोबाइल लैब से मौके पर जांच होने से मिलावट करने वालों में डर बनेगा। दूध सहित अन्य खाद्य उत्पादों में मिलावट पाए जाने पर नियमानुसार सैंपल जब्त कर कार्रवाई की जाएगी।”
इसके अलावा विभाग ने यह भी स्पष्ट किया कि अभियान के दौरान दुकानदारों और डेयरियों को नियमों की जानकारी दी जाएगी। दूसरी ओर, नियमों का उल्लंघन करने वालों पर जुर्माना और लाइसेंस रद्द करने जैसी कार्रवाई भी हो सकती है।
Background और असर
राजस्थान में त्योहारों और शादी-समारोह के सीजन में दूध और उससे बने उत्पादों की खपत बढ़ जाती है। ऐसे समय में मिलावट की घटनाएं भी बढ़ने की आशंका रहती है। इसलिए यह मोबाइल लैब पहल उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए अहम मानी जा रही है।
इसलिए स्वास्थ्य विभाग ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि यदि उन्हें किसी जगह मिलावटी दूध या खाद्य सामग्री की आशंका हो, तो तुरंत खाद्य सुरक्षा विभाग को सूचना दें।
Author: Umesh Kumar
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