फूडलाइसेंस: 317 आवेदनों में 88 का रजिस्ट्रेशन जारी

317 आवेदन में 88 को ऑनलाइन दर्ज कर रजिस्ट्रेशन जारी, फूडलाइसेंस प्रक्रिया शुरू

जयपुर (राजस्थान): राज्य में खाद्य व्यवसायों के लिए फूडलाइसेंस के आवेदन और रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया को और अधिक सुगम बनाने के लिए प्रशासन ने एक नया कदम उठाया है।
राज्य भर से 317 आवेदन प्राप्त किए गए, जिनमें से 88 को ऑनलाइन दर्ज कर रजिस्ट्रेशन जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इस प्रयास का उद्देश्य खाद्य व्यापारियों को कानूनी तौर पर अपने व्यवसाय को सुचारू रूप से चलाने में मदद देना है, साथ ही उपभोक्ताओं के लिए सुरक्षित, स्वच्छ और मानक खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना भी है।

सबसे पहले यह समझना ज़रूरी है कि फूडलाइसेंस और रजिस्ट्रेशन क्या हैं। एफएसएसएआई (Food Safety and Standards Authority of India) हर ऐसे खाद्य व्यवसायी को लाइसेंस या रजिस्ट्रेशन जारी करता है, जो खाने-पीने के उत्पादों को बेचता या बनाता है। वर्ष भर में कुछ व्यवसायों को Basic Registration, कुछ को State License और बड़े कारोबारों को Central License लेना आवश्यक होता है। बिना लाइसेंस या रजिस्ट्रेशन के खाद्य व्यवसाय चलाना कानूनी उल्लंघन है।

शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों से व्यवसायियों ने फूडलाइसेंस के लिए आवेदन किया है। अधिकारियों ने बताया है कि कुल 317 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें से 88 आवेदनों को ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज करके रजिस्ट्रेशन जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। यह कदम खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से डिजिटल और सरल प्रक्रिया को बढ़ावा देने की दिशा में लिया गया है जिससे व्यापारियों को लंबी कागज़ी कार्यवाही से मुक्ति मिले।

इसके अलावा विभाग की टीमें विभिन्न जिलों में शुद्ध आहार-मिलावट पर वार अभियान के अंतर्गत फूडलाइसेंस शिविरों का आयोजन भी कर रही हैं, ताकि स्थानीय व्यापारियों को मौके पर लाइसेंस/रजिस्ट्रेशन से संबंधित जानकारी, आवेदन और सहायता प्राप्त हो सके। ऐसे शिविरों में अक्सर अधिकारियों द्वारा एफएसएसएआई नियम, खाद्य सामग्री की गुणवत्ता और लाइसेंस आवश्यकताओं पर जागरूकता भी दी जाती है।

राज्य के खाद्य सुरक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि ऑनलाइन पोर्टल पर आवेदन दर्ज होने के साथ ही रजिस्ट्रेशन जारी करने की प्रक्रिया शुरुआत कर दी गई है। यह प्रक्रिया व्यापारियों की सुविधा के लिए यूज़र-फ्रेंडली है तथा व्यापारी आसानी से अपने दस्तावेज़ अपलोड कर सकते हैं और स्थिति ऑनलाइन ट्रैक कर सकते हैं। अधिकारी ने कहा कि इस पहल से खाद्य व्यवसायों के नियमों के अनुपालन में वृद्धि होगी और सार्वजनिक स्वास्थ्य की सुरक्षा मजबूत होगी।

वहीं व्यापारी संगठनों ने भी इसे स्वागतयोग्य कदम बताया है। कई छोटे और मध्यम व्यवसायियों के अनुसार, पहले कागज़ी प्रक्रिया में समय और संसाधनों की अधिक खर्च होती थी, लेकिन अब ऑनलाइन प्रक्रिया से उन्हें बड़ी राहत मिल रही है। कई ने कहा कि इससे बिना लाइसेंस व्यवसाय के जोखिम और जुर्माने की आशंका भी कम होगी।

वर्तमान में अधिकारियों ने कहा है कि बचे 229 आवेदनों को जल्दी से जल्दी सत्यापन और आवश्यक दस्तावज़ों की जांच के बाद आगामी दिनों में रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है।

फूडलाइसेंस और इसके रजिस्ट्रेशन के तहत खाद्य व्यवसायों को उपभोक्ताओं की सुरक्षा और गुणवत्ता मानकों का पालन करना अनिवार्य होता है, जिससे स्वास्थ्य और व्यापारिक पारदर्शिता दोनों सुनिश्चित हो सके।

Umesh Kumar
Author: Umesh Kumar

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