विंटेज कारें: जयपुर में 100 से ज़्यादा कारों की रैली

जयपुर की सड़कों पर इतिहास: 100 विंटेज कारों का शानदार शो

जयपुर (राजस्थान) की सड़कों पर 25 जनवरी 2026 को ऑटोमोबाइल इतिहास के चाहने वालों के लिए एक यादगार दिन रहा।
गुलाबी नगरी में आयोजित 27वीं विंटेज एंड क्लासिक कार एग्ज़ीबिशन एवं रैली में देश के विभिन्न हिस्सों से 100 से अधिक विंटेज कारें सड़कों पर दौड़ीं, जिसने आम लोगों और कार प्रेमियों का आकर्षण खींचा।

यह आयोजन राजपूताना ऑटोमोटिव स्पोर्ट्स कार क्लब (RASC) और राजस्थान पर्यटन विभाग के सहयोग से ताज जय महल पैलेस, जयपुर में शुरू हुआ, जहाँ विंटेज कारों की प्रदर्शनी के बाद रैली निकाली गई।
डिप्टी मुख्यमंत्री दिया कुमारी ने कार्यक्रम का उद्घाटन किया और कहा कि इस तरह की रैलियाँ न केवल वाहन प्रेमियों को जोड़ती हैं, बल्कि राजस्थान के पर्यटन और सांस्कृतिक धरोहर को भी आगे बढ़ाती हैं।

आकर्षक कारें और उपलब्धियाँ

इस रैली में शामिल कारों में 1929 मॉडल की बुगाटी सबसे अधिक चर्चा में रही। यह पुरानी कार अपनी क्लासिक डिजाइन और इंजीनियरिंग की खूबसूरती के कारण दर्शकों को मोहित कर रही थी।
साथ ही 1941 की पैकार्ड कार ने भी दर्शकों का ध्यान खींचा, क्योंकि यह ऑटोमोबाइल इतिहास में “दुनिया की पहली एयर-कंडीशंड कार” के रूप में जानी जाती है।

राजस्थान के अलावा दिल्ली, मुंबई और चंडीगढ़ से भी कई दुर्लभ कारें इस आयोजन में शामिल हुईं।
इनमें 1951 की जगुआर XK 120, 1973 पोंटिएक फायरबर्ड, और ‘**मिस्टर बीन’ वाली 1963 मॉरिस मिनी’ जैसी कारें थीं, जिन्होंने दर्शकों को पुरानी फिल्मों और यादों की ओर वापस खींच दिया।

रैली का अनुभव और प्रतिक्रिया

विंटेज कारें जयपुर के प्रमुख मार्गों से होती हुईं, जहाँ सड़क किनारे खड़े लोग अपने मोबाइल कैमरों से इन्हें कैद करते दिखे।
हर कार की चमक, मूल स्थिति में बहाली, और इंजन की आवाज़ ने पुराने दिनों की यादें ताज़ा कर दीं।

राजपूताना ऑटोमोटिव स्पोर्ट्स कार क्लब के वाइस-प्रेसिडेंट सुधीर कासलीवाल ने बताया कि क्लब की शुरुआत में सिर्फ 10 कारें शामिल होती थीं, पर अब यह रैली 100 कारों से ऊपर पहुंच चुकी है, जो इस आयोजन की बढ़ती लोकप्रियता को दर्शाता है।

तकनीक, इतिहास और विरासत

विंटेज कार रैली सिर्फ एक प्रदर्शनी नहीं है, बल्कि ऑटोमोबाइल इतिहास का जीवंत प्रदर्शन भी है। हर कार अपने समय की तकनीक, डिजाइन और सामाजिक परिवेश का प्रतीक है।
पुरानी कारों की यह रैली न केवल धरोहर को संरक्षित रखने का प्रयास है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को ऐतिहासिक तकनीकी उन्नति का अनुभव भी कराती है।

इस आयोजन ने यह भी दिखाया कि कैसे पुराने वाहनों को सुरक्षा मानकों के साथ रीस्टोर कर आज भी सड़क पर लाया जा सकता है।
संग्रहित कारों में से कई 100 वर्षों से भी अधिक पुरानी थीं, जिन्होंने दर्शकों को अपने पूर्वजों के जमाने की सड़क यात्रा की झलक दी।

स्थानीय उत्साह

स्थानीय नागरिकों और पर्यटकों ने इस अवसर पर उत्साह और आनंद व्यक्त किया।
कई लोगों ने विंटेज कारों के साथ तस्वीरें खिंचवाईं और सोशल मीडिया पर साझा कीं।
ऐसे कार्यक्रमों से न केवल वाहन इतिहास का संरक्षण होता है, बल्कि यह शहर की आर्थिक गतिविधियों और पर्यटन को भी बढ़ावा देता है।

Umesh Kumar
Author: Umesh Kumar

welcome to Jhalko Bagdi

Picture of Umesh Kumar

Umesh Kumar

Leave a Comment

Leave a Comment

इस पोस्ट से जुड़े हुए हैशटैग्स