सिरसा में भ्रष्टाचार पर आवाज उठाने पर HKRN कंडक्टर बर्खास्त
हरियाणा, सिरसा: रेलवे विभाग की HKRN सेवा में कार्यरत एक कंडक्टर को भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने पर बर्खास्त कर दिया गया और धरना देने के दौरान पुलिस ने अस्थायी रूप से हिरासत में लिया। मामला 28 जनवरी 2026 का है।
धरना और मुद्दों का ब्योरा
कंडक्टर ने आरोप लगाया कि रेलवे में पेड काटने और अन्य गलत प्रथाओं को लेकर भ्रष्टाचार हो रहा है। इसको लेकर उन्होंने सिरसा रेलवे स्टेशन पर धरना दिया। पुलिस ने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान भीड़ को नियंत्रित करना पड़ा, इसलिए उन्हें अस्थायी हिरासत में लिया गया।
पुलिस और प्रशासनिक कार्रवाई
सिरसा पुलिस थाना अधिकारी इंस्पेक्टर अमित वर्मा ने बताया, “हमने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया ताकि स्थिति शांत रहे। मामले की जांच जारी है और किसी तरह की हिंसा न हो इसके लिए निगरानी रखी जा रही है।”
रेलवे विभाग ने कहा कि कंडक्टर के खिलाफ विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई और उन्हें बर्खास्त कर दिया गया। अधिकारियों का कहना है कि भ्रष्टाचार और पेड काटने जैसे आरोपों की स्वतंत्र जांच की जाएगी।
कर्मचारी और सामाजिक प्रतिक्रिया
कंडक्टर के साथ कार्यरत सहयोगियों ने कहा कि विभाग में कई कर्मचारियों के वेतन और भत्तों में अनियमितताएं हो रही हैं। स्थानीय समाज और मीडिया में इस घटना ने चर्चा पैदा कर दी है।
पृष्ठभूमि और संभावित असर
रेलवे में भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने पर किसी कर्मचारी की बर्खास्तगी और पुलिस द्वारा हिरासत इस मामले को संवेदनशील बनाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि प्रशासनिक जवाबदेही और whistleblower सुरक्षा पर ध्यान देना जरूरी है।
इसके अलावा, इस घटना ने अन्य कर्मचारियों और नागरिकों के लिए चेतावनी संदेश भी दिया है कि किसी भी सार्वजनिक मुद्दे पर आवाज उठाना कभी-कभी जोखिम भरा हो सकता है।
आगे की कार्रवाई
रेलवे विभाग और पुलिस ने बताया कि मामले की पूरी जांच की जाएगी और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। वहीं, सामाजिक संगठनों और मानवाधिकार समूहों ने कर्मचारियों की सुरक्षा और भ्रष्टाचार के खिलाफ खुलकर बोलने की आवश्यकता पर जोर दिया है।
Author: Umesh Kumar
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