हनुमानगढ़ में बाइक चोरी को रोकने की जंग: गिरोह पर पुलिस की शिकंजा
हनुमानगढ़, राजस्थान — हनुमानगढ़ जिले में पिछले कुछ समय से होने वाली बाइकचोरी (बाइकचोरी) की घटनाओं ने स्थानीय जनता में चिंता बढ़ा दी है। समय-समय पर वाहनों की चोरी और वाहन चोर गिरोहों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाइयाँ मीडिया में रिपोर्ट हो रही हैं। इस पर प्रशासन की सतर्कता और पुलिस की सक्रियता दोनों उभरी हैं, जिससे चोरी रोकने के प्रयासों को मजबूती मिली है। AajTak
रणनीतिक रूप से जिले के टाउन थाना क्षेत्र सहित आसपास के इलाकों में वाहन चोरी के मामलों का ग्राफ चिंताजनक रहा है। पुलिस अधीक्षक विकास सांगवान ने इस पर लगातार टीमों का गठन किया, ताकि बाइक चोर गिरोहों को पकड़ा जा सके और चोरी हुई मोटरसाइकिलें बरामद हों। AajTak
इसके अलावा, रिपोर्टों में यह भी सामने आया कि पिछले पुलिस अभियान में 18 बाइक, 10 चेसिस और चार स्क्रैप इंजन बरामद किए गए थे, जिनके नंबर मिटा दिए गए थे, जिससे चोरी के बाद इन्हें बेचने की कोशिश की जा रही थी। आरोपियों पर यह भी आरोप है कि वे चोरी-कसूरवारों से वाहन चुराकर कम दामों पर बेचते थे और अपने नशे की आदत को पूरा करने के लिए बार-बार चोरी करते थे। AajTak
पुलिस की कार्रवाई और गिरोह पकड़ा
वाहन चोर गिरोह के तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया था — जिनमें कन्नू सोनी (मास्टरमाइंड), कबाड़ी प्रिंस और रोहित ऐनी अरोड़ा शामिल हैं। इनसे पूछताछ में विभिन्न चोरी के मामलों की पहचान को आगे बढ़ाया जा रहा है, ताकि और चोरी-सम्बंधित वारदातों का भी खुलासा किया जा सके। AajTak
इस गिरोह द्वारा चोरी की गई बाइकें और पार्ट्स चोरी के बाद स्थानीय बाजारों में या कबाड़ी दुकानों पर बेची जाती थीं। पुलिस अधीक्षक का कहना है कि जो भी चोरी से जुड़ा होगा, उसके खिलाफ जल्द ही मुकदमे दर्ज किए जाएंगे और न्यायालय में पेश किया जाएगा। AajTak
स्थानीय लोगों की चिंता और प्रशासन की तैयारी
बाइक चोरी की घटनाओं ने आम लोगों में भय और असुरक्षा की भावना पैदा की है। खासकर युवा और दैनिक वाहन उपयोगकर्ता यह कहते सुने गए हैं कि “हम अपने वाहनों को सुरक्षित रखने में डर महसूस करते हैं, क्योंकि चोरी रात के समय होती है और कई बार CCTV आदि भी मदद नहीं कर पाते।” स्थानीय व्याप्त चिंताओं के कारण पुलिस ने चोरी-निगरानी दलों की संख्या बढ़ाई है और गश्त को तेज किया है।
पुलिस की ओर से यह भी कहा गया है कि वे चोरी के मामलों को “Zero Tolerance” नीति से निपटना चाहते हैं। इसके तहत चोरी के खिलाफ विशेष taskforces का गठन किया जा रहा है और सोशल मीडिया तथा स्थानीय नेटवर्क के माध्यम से रिपोर्टिंग और सूचना साझा करने की अपील की जा रही है।
Author: Umesh Kumar
welcome to Jhalko Bagdi



