वर्कवीजा फ्रॉड: हनुमानगढ़ 3 ठगों पर केस
हनुमानगढ़, राजस्थान — वर्कवीजा ठगी के एक गंभीर मामले में रविवार को संगरिया थाना पुलिस ने तीन आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया है। यह घटना हनुमानगढ़ शहर के संगरिया इलाके में सामने आई, जहाँ आरोपियों ने युवाओं को यूरोपीय देशों में काम और वर्क वीजा दिलाने का झांसा देकर लगभग ₹5.4 लाख ऐंठे।
इसी बीच पीड़ितों ने थाने में प्राथमिकी दर्ज करवाई, जिसमें बताया गया कि आरोपियों ने उन्हें सिंगापुर, ग्रीस और अन्य यूरोपीय देशों में रोजगार दिलाने का भरोसा दिलाया था।
घटना का पूरा विवरण यह है कि पीड़ितों में से एक ने बताया कि उसे और उसके परिचितों को आरोपी ने कहा कि वह अपने पास विदेश में संपर्क और संसाधन रखता है। इसके एवज में उसने पहले भुगतान के रूप में छोटी-छोटी रकम ली, बाद में वह राशि बढ़ाकर लगभग ₹5.4 लाख तक पहुँच गई।
इसी दौरान आरोपियों ने वर्कवीजा और नौकरी के सर्टिफिकेट का आश्वासन दिया, लेकिन न तो किसी को वीजा मिला और न ही नौकरी का कोई वैध दस्तावेज दिया गया। जब पीड़ितों ने बार-बार संपर्क किया, तो आरोपी फोन तक नहीं उठाते और पैसे लौटाने से इनकार कर दिया।
पुलिस ने बताया कि घटना की ताज़ा जानकारी 10 जनवरी 2026 की दोपहर करीब 3 बजे मिली, जब तीन अलग-अलग शिकायतें संगरिया थाना में दर्ज कराई गईं। पुलिस ने धारा 420 (ठगी), 406 (गबन) और संबंधित IPC के तहत FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
थाना प्रशासन का official statement में संगरिया थाना प्रभारी एसएचओ प्रमोद सिंह ने कहा, “[…] प्रथम दृष्टया पता चला है कि आरोपी लोगों को भ्रमित कर यह ठगी कर रहे थे और आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर उनकी अब तलाश की जा रही है।” पुलिस ने कहा कि मामले की गहन जांच जारी है और धन की वसूली और आरोपी की गिरफ्तारी के प्रयास तेज़ कर दिए हैं।
आरोपियों की पहचान और भूमिका
पुलिस के अनुसार मुश्ताक, राजेन्द्र और एक अन्य साथी पर आरोप है कि उन्होंने पीड़ितों को वर्क वीजा के नाम पर पैसे दिलाए लेकिन कोई भी वैध वीजा या नौकरी की पुष्टि नहीं की। प्रारंभिक पूछताछ में यह जानकारी मिली है कि आरोपियों ने वेबसाइट और सोशल मीडिया पर विदेश रोजगार का विज्ञापन भी किया था, जिससे कई लोगों को झांसा मिला।
दूसरी ओर पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या आरोपियों ने फर्जी दस्तावेज़, इ-मेल या सोशल मीडिया अकाउंट के माध्यम से पीड़ितों को विश्वास में लिया था।
Background और संभावित वजह
पुलिस के अनुसार ऐसे वर्कवीजा ठगी के मामले पूरे राजस्थान में बढ़ते जा रहे हैं, जहाँ बेरोज़गारी और विदेश में बेहतर कमाई की चाह में लोग ऐसे ठगों के जाल में फँसते हैं। साइबर फ्रॉड के विशेषज्ञों का मानना है कि ठगी करने वाले पहले आकर्षक ऑफर देते हैं और फिर धीरे-धीरे रकम बढ़ा लेते हैं।
वहीं ठगी का शिकार बताते हैं कि बिना किसी सरकारी अप्रूवल या दूतावास से कन्फर्मेशन के वीजा प्रक्रिया शुरू करने का आश्वासन देना धोखाधड़ी है।
पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि विदेश रोजगार के मामले में केवल मान्यता प्राप्त एजेंसियों और दूतावास के माध्यम से ही आवेदन करें, और किसी भी संदिग्ध अनुरोध पर तुरंत स्थानीय पुलिस में शिकायत दर्ज करें।
Author: Umesh Kumar
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