नाबालिग की खौफनाक चाल, फिरौती कॉल से मचा हड़कंप
अपहरण के नाम पर हरियाणा के एक परिवार को उस समय गहरा सदमा लगा, जब उनके ही बेटे ने खुद के अपहरण की साजिश रच डाली। मामला गुरुग्राम जिले का है, जहां 9वीं कक्षा में पढ़ने वाले एक छात्र ने अपने परिवार से दो लाख रुपये की फिरौती मांगने के लिए खुद के अपहरण का ड्रामा रचा। पुलिस जांच में इस चौंकाने वाले मामले का खुलासा हुआ है।
जानकारी के अनुसार, घटना गुरुग्राम के सेक्टर क्षेत्र की है। छात्र ने अचानक घर से गायब होकर परिजनों को फोन किया। कॉल पर कहा गया कि यदि बेटा चाहिए तो 2 लाख रुपये का इंतजाम करें। फोन कॉल के बाद परिवार घबरा गया और तुरंत स्थानीय थाने में अपहरण की शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल जांच शुरू की।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, शिकायत मिलते ही साइबर सेल और स्थानीय थाना पुलिस की टीम गठित की गई। कॉल डिटेल रिकॉर्ड और लोकेशन ट्रेस की गई। इसी बीच, पुलिस को कॉल की भाषा और तकनीकी पहलुओं पर संदेह हुआ। इसके अलावा, छात्र के व्यवहार और पारिवारिक पृष्ठभूमि की भी जांच की गई।
अपहरण की साजिश कैसे रची गई
जांच में सामने आया कि छात्र ने यह अपहरण की कहानी खुद तैयार की थी। उसने अपने एक परिचित के मोबाइल फोन का इस्तेमाल कर परिजनों को कॉल किया। छात्र का मकसद पैसों की जरूरत बताया जा रहा है। पुलिस के अनुसार, वह कुछ महंगी चीजें खरीदना चाहता था और इसी वजह से उसने यह कदम उठाया।
इसी बीच, पुलिस ने छात्र को कुछ ही घंटों में गुरुग्राम के ही एक सुरक्षित स्थान से बरामद कर लिया। बरामदगी के दौरान छात्र पूरी तरह सुरक्षित था। पूछताछ में उसने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। पुलिस का कहना है कि इस मामले में कोई बाहरी गिरोह शामिल नहीं है।
पुलिस का बयान और कानूनी पहलू
गुरुग्राम पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यह मामला पूरी तरह से फर्जी अपहरण का है। छात्र नाबालिग है, इसलिए उसके खिलाफ किशोर न्याय अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा रही है। साथ ही, काउंसलिंग के जरिए उसे समझाने की प्रक्रिया शुरू की गई है।
अधिकारी ने यह भी कहा कि ऐसे मामलों से पुलिस संसाधनों पर अनावश्यक दबाव पड़ता है। इसलिए, अभिभावकों को बच्चों की गतिविधियों पर ध्यान देने की जरूरत है। वहीं, परिवार ने पुलिस की त्वरित कार्रवाई की सराहना की है।
पृष्ठभूमि और सबक
पुलिस के अनुसार, हाल के दिनों में इस तरह के फर्जी अपहरण मामलों में बढ़ोतरी देखी गई है। सोशल मीडिया और फिल्मों से प्रभावित होकर नाबालिग ऐसे कदम उठा रहे हैं। इसलिए, पुलिस ने अभिभावकों से बच्चों से संवाद बनाए रखने की अपील की है।
Author: Umesh Kumar
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