गौशालाओं को 2 रुपए/unit बिजली, रजिस्ट्रेशन जरूरी

हरियाणा में गौशालाओं को 2 रुपए यूनिट बिजली, रियायती टैरिफ लागू

चंडीगढ़ (हरियाणा) — हरियाणा राज्य में गौशालाओं को बिजली के बिलों में बड़ी राहत मिलने वाली है। दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (DHBVN) ने राज्य सरकार के निर्देश पर नया रियायती टैरिफ लागू कर दिया है, जिसके तहत हरियाणा गौ सेवा आयोग में पंजीकृत गौशालाओं को सिर्फ 2 रुपए प्रति यूनिट की दर से बिजली मिलेगी। इस नीति का मकसद गौशालाओं पर वित्तीय बोझ कम करना और गौ-सेवा संस्थाओं को आर्थिक रूप से समर्थ बनाना है। Swatantra Prabhat+1

DHBVN ने सेल्स सर्कुलर नंबर D-01/2026 जारी करते हुए यह नया रियायती टैरिफ लागू किया है। इस आदेश के अनुसार उन गौशालाओं को ही यह विशेष दर प्राप्त होगी, जो हरियाणा गौ सेवा आयोग में विधिवत पंजीकृत हैं। पंजीकरण की पुष्टि संबंधित एसडीओ (ऑपरेशन) द्वारा ई-मेल या पत्र के ज़रिए की जाएगी। रियायती दर केवल मीटर आधारित वास्तविक खपत पर ही लागू होगी और इसका लाभ गौशाला के अलावा किसी अन्य उपयोग के लिए नहीं मिलेगा। Swatantra Prabhat+1

इस नए सर्कुलर के लागू होने के साथ 2021 में जारी पुराने टैरिफ (D-06/2021) को निरस्त कर दिया गया है। अधिकारियों ने यह भी साफ किया है कि 2 रुपए प्रति यूनिट की दर में बिजली शुल्क, नगर कर, पंचायत टैक्स तथा अन्य लागू कर शामिल नहीं हैं। इन सबका अलग से भुगतान किया जाएगा और बिलिंग सॉफ्टवेयर में सब्सिडी की राशि अलग से दिखायी जाएगी, ताकि पारदर्शिता बनी रहे। Swatantra Prabhat

हरियाणा गौ सेवा आयोग की वेबसाइट के अनुसार यह योजना गौशालाओं के वित्तीय बोझ को कम करने के साथ-साथ उन्हें आत्मनिर्भर बनाने और पशुपालन एवं गौसेवा के कार्यों को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। आयोग ने बताया कि यह सब्सिडी पंजीकृत गौशालाओं को वास्तविक बिजली खपत के आधार पर दी जाएगी और इससे कई गौशालाओं को संचालन लागत में राहत मिलेगी। Haryana Gau Seva Aayog

आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि केवल पंजीकृत गौशालाओं को ही यह रियायती टैरिफ मिलेगा। इस पंजीकरण प्रक्रिया का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सब्सिडी का लाभ सही संस्था तक पहुंचे और बिजली का दुरुपयोग न हो। आयोग ने पंजीकरण की प्रक्रिया और आवश्यक दस्तावेज़ों के बारे में विस्तृत जानकारी भी जारी की है, जिस पर गौशाला संचालक आवेदन कर सकते हैं। Haryana Gau Seva Aayog

विशेषज्ञों के मुताबिक यह कदम गौपालन से जुड़े कार्यों को बढ़ावा देगा और छोटे-बड़े गौशालाओं को लाभान्वित करेगा। इससे गौसेवा संस्थाओं को उनकी रोज़मर्रा की बिजली लागत में भारी राहत मिलेगी, जिससे वे अपने पशु कल्याण कार्यों पर अधिक ध्यान केंद्रित कर सकेंगे। मध्यवर्ती और दीर्घकालिक प्रभाव के रूप में यह नीति गौ सेवा और पशु कल्याण को प्रोत्साहित करने वाली महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है। Haryana Gau Seva Aayog

हालाँकि प्रशासन ने यह स्पष्ट किया है कि यह रियायती दर राज्य सरकार द्वारा प्रदत्त सब्सिडी के रूप में बिजली निगम को दिया जाएगा और केवल मीटर आधारित कनेक्शनों पर लागू होगी। यह कदम हरियाणा सरकार की उन नीतियों का हिस्सा है, जो सामाजिक और ग्रामीण संगठनों के स्थिर संचालन को समर्थन देती हैं। Swatantra Prabhat

Umesh Kumar
Author: Umesh Kumar

welcome to Jhalko Bagdi

Picture of Umesh Kumar

Umesh Kumar

Leave a Comment

Leave a Comment

इस पोस्ट से जुड़े हुए हैशटैग्स