ऐलनाबाद विधानसभा चुनाव : कांटे की है टक्कर

हरियाणा के सिरसा जिले की हॉट सीट ऐलनाबाद विधानसभा क्षेत्र में इस बार मुकाबला काफी कांटे का होगा। इस सीट पर चार बार के विधायक एवं इनेलो के प्रधान महासचिव अभय सिंह चौटाला को कांग्रेस के पूर्व विधायक भरत सिंह बैनीवाल चुनाव मैदान में चुनौती देंगे। भाजपा से अमीरचंद मेहता, जजपा से अंजनी लढ़ा व आम आदमी पार्टी से मनीष भी ताल ठोक रहे हैं।

ऐलनाबाद विधानसभा सीट पूरी तरह से राजस्थान की सीमा से सटा हुआ है। इसमें बैनीवाल पैंतालीसा के गांव भी शामिल हैं। हालांकि यह सीट पिछली कई योजना से इनेलो के खाते में ही रही है। फिर भी इनेलो के प्रत्याशियों को यहां से चुनौती भी मिलती रही है। पहले इस हलके के अनेक गांव दड़बा हलके में थे, लेकिन 2005 में हुए परिसीमन के बाद दड़बा हलके के गांवाें को ऐलनाबाद व फतेहाबाद विधानसभा सीट में मर्ज कर दिया गया।ऐलनाबाद विधानसभा सीट पर वर्ष 2009 में हुए चुनाव में पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला ने जीत हासिल की थी। चौटाला दो स्थानों से चुनाव लड़े थे। दोनों ही स्थानों पर जीत हासिल होने के चलते उनको सुरक्षित सीट ऐलनाबाद को छोड़ना पड़ा। यहां पर हुए वर्ष 2010 के उपचुनाव में अभय सिंह चौटाला ने कांग्रेस के भरत सिंह बैनीवाल को हराया था।

 

 

वर्ष 2014 में आम चुनाव में एक बार फिर अभय सिंह चौटाला इनेलो से चुनाव लड़े और कांग्रेस के पवन बैनीवाल को हराया। इसी प्रकार 2019 में भी अभय सिंह चौटाला यहां से निर्वाचित हुए और उन्होंने पवन बैनीवाल को मात दी थी। किसान आंदोलन के बाद अभय सिंह चौटाला ने इस सीट से इस्तीफा दिया। बाद में वह इसी सीट से 2021 में हुए उपचुनाव में हलोपा के गोबिंद कांडा को हराकर जीते।एक बार फिर चिर प्रतिद्वंद्वी सामने

 

 

अभय सिंह चौटाला के सामने एक बार फिर उनके चिर प्रतिद्वंद्वी पूर्व विधायक भरत सिंह बैनीवाल सामने हैं। भरत सिंह बैनीवाल 2005 में कांग्रेस की टिकट पर दड़बा विधानसभा हलके से विधायक रह चुके हैं। उन्होंने हविपा के प्रहलाद सिंह गिल्लाखेड़ा को हराया था। इस बार वह अभय सिंह चौटाला के सामने होंगे। हालांकि इस सीट से भाजपा की ओर से अमीरचंद मेहता, जजपा से अंजनी लढ़ा व आम आदमी पार्टी से मनीष चुनाव मैदान में हैं। ऐलनाबाद हलके में 74 गांव आते हैं। इनमें अधिकांश गांव बैनीवाल पैंतालिसा के हैं। यह सीट पूरी तरह से जाट बहुल हैं और यहां पर जाट मतदाता ही प्रत्याशियों का चुनाव करते हैं।

 

 

 

 

नशा, सेम व टेल तक नहरी पानी मुख्य मुद्दा

 

 

ऐलनाबाद काफी संपन्न हलका माना जाता है, लेकिन ग्रामीणों के लिए जो समस्या सामने आती है, वह है सेम की प्रमुख है। ऐलनाबाद में दड़बा व इसके आसपास के गांवों में सेम की समस्या सालों पुरानी है, जिसे अब तक दूर नहीं कि जा सका। हर बार यह चुनावी मुद्दा बनता है और मुद्दा ही बनकर रह जाता है। इसके अलावा इस क्षेत्र में नशे की प्रवृत्ति भी तेजी से बढ़ी है। यही नहीं मुख्य मुद्दों में राजस्थान के लगते गांवों तक नहरी पानी पहुंचाना भी बड़ा मुद्दा है।

 

 

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Author: Jhalko Bagdi

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