कोटा, राजस्थान: कोटा के नान्ता थाना क्षेत्र में चोरों ने बेखौफ होकर दो खाली मकानों को निशाना बनाया है। यह वारदात उन लोगों के लिए एक चेतावनी है जो शहर की बढ़ती सुरक्षा खामियों को नज़रअंदाज़ कर रहे हैं।
पुलिस और आसपास के निवासियों के अनुसार, एक मकान में चोरों ने दीवार फांदकर दरवाजे के अंदर प्रवेश किया और पूरे आधे घंटे में लाखों की नकदी और कीमती जेवरात — लगभग 10 से 12 लाख रुपये — चोरी कर ले गए। यह पूरी वारदात मकान में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। Amar Ujala+1
पीड़ित सुजा खान ने बताया कि वे परिवार के साथ घर नहीं थे — वे कंपनी के काम के चलते चित्तौड़गढ़ गए हुए थे, जबकि उनके माता-पिता धौलपुर गए थे। जब वे वापस लौटे, तो पड़ोसियों ने उन्हें बताया कि ताला टूटा हुआ है और मकान का दरवाजा खुला मिला। घर में लगे सीढ़ी वाले गेट का ताला टूटा हुआ मिला और आलमारी की तिजोरियों में रखा नकदी और आभूषण गायब थे। Amar Ujala+1
दूसरी घटना अनंतपुरा थाना क्षेत्र में हुई, जहां परिवार किसी धार्मिक आयोजन (अजमेर दरगाह) में था। लौटने पर उन्होंने देखा कि उनका घर बिखरा हुआ था। चोरों ने बड़ी बेरहमी से ताले तोड़े और करीब 8 लाख रुपये नकद, 5 तोला सोना और 100 ग्राम चांदी चुरा ली। Amar Ujala
पुलिस ने दोनों मामलों में जांच शुरू कर दी है। फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट टीम को बुलाया गया है और CCTV फुटेज की पड़ताल की जा रही है। लेकिन स्थानीय लोगों में रोष है — वे यह सवाल उठा रहे हैं कि कैसे चोर इतने खुलेआम और बार-बार खाली मकानों को निशाना बना सकते हैं? क्या पुलिस गश्त में चूकी है? क्या शहर में सुरक्षा इंतज़ामों में बड़ी लापरवाही हो रही है?
निवेदक का कहना है: “हम अपना घर छोड़कर गए थे, भरोसा था कि ताला लगा है, लेकिन चोरों ने हमारी सारी मेहनत उड़ाई।”
यह घटना कोटा के सुरक्षा तंत्र पर एक बड़ी चुनौती है। अगर ऐसे मामलों को रोका नहीं गया, तो ये सिर्फ शुरुआत हो सकती है — चोर और भी बड़े ऐलानों के साथ खुलकर घरों में सेंधमारी कर सकते हैं।
Author: Umesh Kumar
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