योगी-भागवत: मुलाकात से सनातनी चेतना एजेंडा तेज़, भाषणों में मिले बड़े संकेत
लखनऊ में हुई योगी-भागवत मुलाकात इन दिनों राजनीति से लेकर धार्मिक-सामाजिक हलकों में बड़ी चर्चा का विषय बनी हुई है। यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ और आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत की यह बैठक कई मायनों में महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि दोनों ही नेताओं ने हाल के भाषणों में सनातनी चेतना और सांस्कृतिक राष्ट्रवाद को लेकर स्पष्ट संदेश दिए हैं।
बैठक के बाद यह अनुमान लगाया जा रहा है कि आने वाले समय में यूपी में धार्मिक-सांस्कृतिक जागरण, सामाजिक एकता, और राष्ट्रीय चेतना से जुड़े कई बड़े कार्यक्रमों को गति मिल सकती है। हाल ही के भाषणों में भागवत ने समाज में समरसता और संस्कृति की रक्षा पर जोर दिया था, जबकि योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में “धर्म और विकास” के संतुलन की बात की थी।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह मुलाकात केवल औपचारिक बातचीत नहीं थी, बल्कि आगामी आयोजनों, सामाजिक अभियानों और सांस्कृतिक पहलों के रोडमैप पर भी गंभीर चर्चा हुई है।
दोनों नेताओं ने अपने-अपने भाषणों में यह इशारा भी दिया कि आने वाले समय में सनातनी जागरूकता को जन-आंदोलन की तरह विस्तार दिया जाएगा। इस मुलाकात को लेकर राजनीतिक विश्लेषक इसे 2025–26 की रणनीति से भी जोड़कर देख रहे हैं।
Author: Umesh Kumar
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