कॉन्स्टेबल का शव 13 दिन बाद पहचाना गया, आज होगा DNA टेस्ट
कॉन्स्टेबल का शव पुलिस ने लावारिस समझकर दफनाया था, लेकिन 13 दिन बाद उसकी पहचान की कड़ी मिली है। घटना जयपुर ग्रामीण क्षेत्र में सामने आई, जहाँ 2 फरवरी को सड़क किनारे एक अज्ञात शव मिला था। स्थानीय पुलिस ने आसपास की खोजबीन के बाद भी पहचान न होने पर शव को लावारिस मानते हुए 3 फरवरी को नियम अनुसार दफन कर दिया।
मामले में मोड़ तब आया जब 16 फरवरी को एक परिवार ने अपने खोए हुए रिश्तेदार—कॉन्स्टेबल दिनेश कुमार (34), निवासी अलवर—की गुमशुदगी रिपोर्ट के आधार पर पुलिस से संपर्क किया। पुलिस ने उनके बताए विवरण की तुलना उस अज्ञात शव से की, जिसके बाद शक हुआ कि शव उसी कॉन्स्टेबल का हो सकता है।
अब मामले की पुष्टि के लिए आज फॉरेंसिक टीम DNA टेस्ट करेगी। अधिकारियों ने बताया कि शव मिलने की जगह पर किसी प्रकार की आपराधिक घटना के संकेत नहीं मिले थे, लेकिन पहचान स्पष्ट होने के बाद अब मौत की वास्तविक वजह और पूरा घटनाक्रम कैसे हुआ, इसकी जांच दोबारा शुरू की जाएगी।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, कॉन्स्टेबल दिनेश करीब दो सप्ताह से लापता थे। परिवार ने शक जताया है कि मौत सामान्य नहीं हो सकती। इस वजह से पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ाते हुए कॉल डिटेल, लोकेशन और उनके आखिरी मूवमेंट की जानकारी जुटानी शुरू कर दी है।
कॉन्स्टेबल की पहचान में देरी को लेकर विभाग ने भी आंतरिक समीक्षा शुरू कर दी है और अधिकारियों का कहना है कि DNA रिपोर्ट आने के बाद ही पूरी स्थिति स्पष्ट होगी।
Author: Umesh Kumar
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