राजस्थान RTO में ₹500 करोड़ घोटाला, ED की एंट्री से हड़कंप
🚨 राजस्थान RTO घोटाला: ₹500 करोड़ के हेरफेर में ED की बड़ी एंट्री!
जयपुर, राजस्थान: राजस्थान के परिवहन विभाग (RTO) में एक ₹500 करोड़ के कथित बड़े घोटाले का खुलासा होने के बाद प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने इस मामले में मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू कर दी है।
सूत्रों के अनुसार, यह घोटाला गाड़ियों के रजिस्ट्रेशन और ब्लैकलिस्ट मामलों में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं से जुड़ा हुआ है। मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट 2002 के तहत कार्रवाई करते हुए, ED ने परिवहन विभाग और जयपुर RTO से सभी आवश्यक दस्तावेज़ और रिकॉर्ड तलब किए हैं।
🔎 जांच में चौंकाने वाले खुलासे
इस घोटाले की प्रारंभिक जांच में कई गंभीर और चौंकाने वाली अनियमितताएं सामने आई हैं, जो बताती हैं कि यह हेरफेर संगठित तरीके से किया गया है:
450 से अधिक RTO, DTO, क्लर्क और सहायक कर्मचारी जांच के दायरे में हैं।
8,000 से ज्यादा ब्लैकलिस्ट (Blacklisted) किए गए मामलों में अवैध तरीके से हेराफेरी की गई।
2,000 से ज्यादा गाड़ियों के महत्वपूर्ण रिकॉर्ड सिस्टम से गायब कर दिए गए हैं।
1,500 से ज्यादा ऐसे वाहनों का अवैध रजिस्ट्रेशन आगे बढ़ा दिया गया, जिनकी वैधता (Expiry) पहले ही समाप्त हो चुकी थी।
💰 घोटाले की जड़ें और आशंका
माना जा रहा है कि यह घोटाला परिवहन विभाग के अधिकारियों और बाहरी एजेंटों की मिलीभगत से किया गया, जिससे सरकारी राजस्व को भारी नुकसान हुआ। ईडी की कार्रवाई अब इस पूरे नेटवर्क की जांच करेगी और यह पता लगाएगी कि इस ₹500 करोड़ के कथित घोटाले में मनी लॉन्ड्रिंग के जरिए कैसे अवैध संपत्ति अर्जित की गई।
राजस्थान सरकार के लिए यह मामला एक बड़ी चुनौती बन गया है, जिस पर जयपुर से लेकर दिल्ली तक की उच्च एजेंसियां बारीकी से नज़र रख रही हैं।
Author: Umesh Kumar
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