किश्त लेने के बाद भी घर नहीं बने, नगर परिषद की सख्ती
प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना के तहत आवास निर्माण में लापरवाही का बड़ा मामला सामने आया है। नगर परिषद क्षेत्र में योजना के अंतर्गत किश्त लेने के बावजूद 64 लाभार्थियों ने अब तक आवास का निर्माण नहीं कराया। इस गंभीर अनियमितता को लेकर नगर परिषद प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है और सभी संबंधित लाभार्थियों को नोटिस जारी किए हैं।
जानकारी के अनुसार, यह मामला नगर परिषद क्षेत्र के विभिन्न वार्डों से जुड़ा हुआ है। प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को मकान निर्माण के लिए चरणबद्ध तरीके से आर्थिक सहायता दी जाती है। नियमों के मुताबिक, पहली किश्त मिलने के बाद तय समय सीमा में निर्माण कार्य शुरू करना अनिवार्य होता है। इसके बावजूद कई लाभार्थियों ने किश्त लेने के बाद भी आवास निर्माण नहीं कराया।
इसी बीच नगर परिषद द्वारा की गई समीक्षा बैठक में यह अनियमितता सामने आई। रिकॉर्ड जांच में पाया गया कि 64 लाभार्थियों ने आवास योजना की पहली या दूसरी किश्त तो ले ली, लेकिन मौके पर निर्माण कार्य शून्य पाया गया। इसके बाद परिषद प्रशासन ने सभी लाभार्थियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं।
आवास योजना के नियमों की अनदेखी
नगर परिषद अधिकारियों के अनुसार, आवास योजना पूरी तरह केंद्र सरकार की गाइडलाइन पर संचालित होती है। योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को पक्का आवास उपलब्ध कराना है। इसके बावजूद कुछ लोग नियमों की अनदेखी कर रहे हैं। अधिकारियों ने बताया कि नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि निर्धारित समय में संतोषजनक जवाब या निर्माण कार्य शुरू नहीं होने की स्थिति में रिकवरी की कार्रवाई की जाएगी।
वहीं, परिषद का कहना है कि आवास योजना में पारदर्शिता बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिकता है। इसलिए अब फील्ड स्तर पर भी भौतिक सत्यापन तेज किया गया है। निर्माण कार्य न होने की स्थिति में लाभार्थियों की फाइल दोबारा जांची जा रही है।
रिकवरी की तैयारी, दी गई अंतिम चेतावनी
दूसरी ओर, नगर परिषद ने यह भी साफ किया है कि नोटिस के बाद भी यदि लाभार्थी सहयोग नहीं करते हैं, तो उन्हें दी गई किश्त की राशि की वसूली की जाएगी। इसके लिए नियमानुसार राजस्व वसूली की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। अधिकारियों ने बताया कि कुछ मामलों में लाभार्थियों ने प्लॉट विवाद या व्यक्तिगत कारणों का हवाला दिया है, जिसकी अलग से जांच की जा रही है।
नगर परिषद आयुक्त ने कहा कि आवास योजना सरकार की महत्वाकांक्षी योजना है। इसका दुरुपयोग किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसलिए सभी लाभार्थियों को अंतिम अवसर दिया गया है।
पात्र जरूरतमंदों को मिलेगा लाभ
इसके अलावा प्रशासन का यह भी कहना है कि यदि किसी लाभार्थी से राशि की रिकवरी होती है, तो वही धनराशि वास्तविक जरूरतमंद पात्र परिवारों को आवास योजना के तहत दी जाएगी। इससे योजना का उद्देश्य पूरा होगा और जरूरतमंदों को पक्का आवास मिल सकेगा।
नगर परिषद ने आम लोगों से भी अपील की है कि यदि कहीं आवास योजना में गड़बड़ी दिखाई दे, तो इसकी सूचना प्रशासन को दें।
Author: Umesh Kumar
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