वोटर लिस्ट में नाम नहीं? ऐसे जुड़वाएं नाम
भारत में वोटरलिस्ट में नाम होना मतदान का सबसे जरूरी आधार है। अगर किसी नागरिक का नाम मतदाता सूची में दर्ज नहीं है, तो उसे चुनाव में वोट डालने का अधिकार नहीं मिलता। इसी को ध्यान में रखते हुए निर्वाचन आयोग (Election Commission of India) ने नाम जोड़ने के लिए फॉर्म 6 की सुविधा दी है। यह प्रक्रिया पूरी तरह कानूनी, पारदर्शी और नागरिकों के लिए आसान बनाई गई है।
वोटरलिस्ट में नाम न होने की स्थिति कई कारणों से सामने आती है। कई बार नया मतदाता होने, स्थान बदलने, पहले आवेदन में त्रुटि या तकनीकी कारणों से नाम सूची में शामिल नहीं हो पाता। वहीं, 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके युवाओं के नाम भी समय पर जुड़ नहीं पाते। इसलिए निर्वाचन आयोग समय-समय पर विशेष पुनरीक्षण अभियान चलाता है।
📍 Exact Location व Authority:
यह प्रक्रिया राजस्थान सहित देश के सभी राज्यों में लागू है। आवेदन संबंधित विधानसभा क्षेत्र, बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) और जिला निर्वाचन अधिकारी (DEO) के माध्यम से सत्यापित किया जाता है।
📅 Date & Time (Validity):
फॉर्म 6 के जरिए आवेदन पूरे वर्ष किया जा सकता है। हालांकि, मतदाता सूची के प्रारूप प्रकाशन के बाद दावे-आपत्तियों की तय अवधि में आवेदन करने पर नाम जुड़ने की संभावना अधिक रहती है।
वोटरलिस्ट में नाम जोड़ने के लिए क्या है फॉर्म 6
फॉर्म 6 वह आधिकारिक आवेदन पत्र है, जिसके जरिए कोई भी योग्य नागरिक अपना नाम वोटरलिस्ट में शामिल करवा सकता है। यह फॉर्म नए मतदाताओं और उन लोगों के लिए होता है, जिनका नाम किसी कारण से सूची में दर्ज नहीं है।
फॉर्म 6 के लिए पात्रता
आवेदक की उम्र कम से कम 18 वर्ष होनी चाहिए।
आवेदक उसी विधानसभा क्षेत्र का निवासी होना चाहिए, जहां वह नाम जुड़वाना चाहता है।
एक व्यक्ति का नाम एक ही स्थान पर वोटरलिस्ट में हो सकता है।
फॉर्म 6 कैसे करें आवेदन
आवेदन ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीकों से किया जा सकता है।
ऑनलाइन आवेदन के लिए मतदाता सेवा पोर्टल या NVSP का उपयोग किया जाता है।
वहीं, ऑफलाइन आवेदन में फॉर्म 6 भरकर BLO या निर्वाचन कार्यालय में जमा किया जाता है।
इसके अलावा, पहचान और पते के प्रमाण के तौर पर आधार कार्ड, जन्म प्रमाण पत्र, राशन कार्ड या निवास प्रमाण पत्र संलग्न करना होता है। आवेदन के बाद BLO द्वारा घर पर सत्यापन किया जाता है।
📢 Official Statement (Process):
निर्वाचन आयोग के अनुसार, सभी आवेदनों का निष्पक्ष सत्यापन किया जाता है। सही पाए जाने पर नाम अंतिम वोटरलिस्ट में शामिल कर दिया जाता है।
📊 Background & Impact:
वोटरलिस्ट में नाम जुड़ने से नागरिकों को लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भागीदारी का अधिकार मिलता है। इसलिए आयोग नागरिकों से अपील करता है कि वे समय रहते अपनी जानकारी जांचें और जरूरत होने पर फॉर्म 6 के माध्यम से आवेदन जरूर करें।
Author: Umesh Kumar
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