हनुमानगढ़ में किसान महापंचायत से पहले इंटरनेट बंद
हनुमानगढ़ (Hanumangarh), राजस्थान में प्रस्तावित किसान महापंचायत को लेकर प्रशासन और किसानों के बीच तनाव की स्थिति बन गई है। जिला प्रशासन ने एहतियातन इंटरनेट सेवाएं अस्थायी रूप से बंद कर दी हैं। यह निर्णय कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से लिया गया है। महापंचायत कल आयोजित होनी है, जिसे लेकर किसान संगठन अपनी तैयारियों में जुटे हुए हैं।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, जिला कलेक्टर ने महापंचायत स्थल तक ट्रैक्टर लाने की अनुमति नहीं दी है। आदेश में कहा गया है कि भारी वाहनों की आवाजाही से यातायात व्यवस्था और सार्वजनिक सुरक्षा प्रभावित हो सकती है। इसके साथ ही पुलिस और प्रशासनिक अमला शहर के संवेदनशील इलाकों में तैनात किया गया है।
📍 Exact Location:
महापंचायत को लेकर गतिविधियां हनुमानगढ़ शहर और उसके आसपास के ग्रामीण इलाकों में केंद्रित हैं। सुरक्षा व्यवस्था के तहत प्रमुख चौराहों, प्रवेश मार्गों और आयोजन स्थल के आसपास पुलिस बल तैनात किया गया है। संबंधित थाना क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी गई है।
📅 Date & Time:
प्रशासनिक आदेश के अनुसार, आज से इंटरनेट सेवाएं बंद की गई हैं, जबकि महापंचायत कल निर्धारित समय पर आयोजित होनी है। इंटरनेट बंदी की अवधि हालात की समीक्षा के बाद तय की जाएगी।
👮 Police / Administration Statement:
जिला प्रशासन का कहना है कि यह कदम शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए उठाया गया है। अधिकारियों के मुताबिक, सोशल मीडिया के माध्यम से अफवाहों को रोकने और किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए इंटरनेट सेवाओं पर रोक लगाई गई है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
वहीं, किसान संगठनों ने ट्रैक्टर प्रतिबंध पर नाराजगी जताई है। किसानों का कहना है कि वे अपनी शर्तों पर महापंचायत आयोजित करेंगे और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगें रखेंगे। उनका तर्क है कि ट्रैक्टर किसानों की पहचान और आवाज का प्रतीक हैं, इसलिए उन्हें रोका जाना उचित नहीं है।
इसी बीच, प्रशासन और किसान प्रतिनिधियों के बीच संवाद की कोशिशें भी जारी हैं। अधिकारियों का कहना है कि यदि किसान प्रशासनिक निर्देशों का पालन करते हैं, तो आयोजन को लेकर आवश्यक सहयोग दिया जाएगा।
📊 Background & संभावित असर:
हनुमानगढ़ में इससे पहले भी किसान आंदोलनों के दौरान प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाए हैं। इंटरनेट बंदी और ट्रैफिक नियंत्रण जैसे फैसले अक्सर सुरक्षा के मद्देनज़र लिए जाते हैं। हालांकि, इससे आम लोगों को संचार और दैनिक कार्यों में असुविधा का सामना करना पड़ता है।
दूसरी ओर, किसान संगठनों का कहना है कि उनकी मांगें लंबे समय से लंबित हैं। इसलिए महापंचायत उनके लिए एक महत्वपूर्ण मंच है। आने वाले घंटों में प्रशासन और किसानों के बीच सहमति बनती है या नहीं, इस पर सभी की नजरें टिकी हैं।
Author: Umesh Kumar
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