कांग्रेस ने किसान महापंचायत को समर्थन दिया:विधायक पूनिया ने टिब्बी घटना के लिए प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया
हनुमानगढ़ (Hanumangarh), राजस्थान में आगामी किसान महापंचायत को लेकर राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई है। कांग्रेस ने स्पष्ट रूप से इस महापंचायत को समर्थन देने की घोषणा की है। पार्टी के विधायक बृजभूषण पूनिया ने हाल ही में हुई टिब्बी घटना को लेकर प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया।
विधायक पूनिया ने कहा कि टिब्बी क्षेत्र में हाल ही में हुई किसानों की समस्याओं और उनकी आवाज़ को दबाने की कोशिश उचित नहीं थी। उन्होंने दावा किया कि प्रशासन ने महापंचायत और शांतिपूर्ण प्रदर्शन को लेकर सही दिशा-निर्देश नहीं दिए, जिससे तनाव की स्थिति उत्पन्न हुई।
📍 Exact Location:
महापंचायत की तैयारियां हनुमानगढ़ शहर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में की जा रही हैं। टिब्बी घटना इसी जिले के टिब्बी गांव में हुई थी। प्रशासन ने इस दौरान सुरक्षा के मद्देनज़र कई मार्गों पर रोक और निगरानी बढ़ाई थी।
📅 Date & Time:
टिब्बी घटना कुछ दिन पहले हुई थी, जबकि किसान महापंचायत आने वाले दिनों में आयोजित की जाएगी। कांग्रेस के समर्थन के बाद महापंचायत में राजनीतिक और सामाजिक दबाव बढ़ने की संभावना है।
👮 Administration / Official Statement:
जिला प्रशासन ने कहा कि वे कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक कदम उठा रहे हैं। पुलिस और सुरक्षा बलों को महापंचायत और आसपास के इलाकों में तैनात किया गया है। अधिकारियों ने यह भी बताया कि किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए पूरी निगरानी रखी जा रही है।
वहीं, विधायक पूनिया का कहना है कि किसानों के हक और उनकी मांगों को दबाया नहीं जाना चाहिए। उन्होंने प्रशासन से कहा कि किसान महापंचायत को शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से आयोजित करने की पूरी जिम्मेदारी लेनी होगी।
महापंचायत का राजनीतिक और सामाजिक महत्व
किसान महापंचायत न केवल किसानों के मुद्दों को उजागर करने का मंच है, बल्कि राजनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जाता है। कांग्रेस के समर्थन से यह महापंचायत और अधिक प्रभावशाली होगी।
किसान संगठनों का कहना है कि वे अपनी मांगों को लेकर पूरी तैयारी कर रहे हैं। उनकी मुख्य मांगें कृषि कानूनों, न्यूनतम समर्थन मूल्य, सिंचाई और स्थानीय विकास योजनाओं से जुड़ी हैं।
संभावित असर
कांग्रेस का समर्थन किसानों को राजनीतिक मजबूती देगा। वहीं प्रशासन और पुलिस को स्थिति नियंत्रण में रखने के लिए सतर्क रहना होगा। विशेषज्ञों का कहना है कि महापंचायत के शांतिपूर्ण आयोजन के लिए सभी पक्षों का सहयोग जरूरी है।
इसलिए, हनुमानगढ़ में होने वाली महापंचायत न केवल किसानों के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि यह प्रशासन और राजनीतिक दलों के लिए भी परीक्षा का मौका बन गई है।
Author: Umesh Kumar
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