पोस्टर से डांगा गायब, नागौर किसान सम्मेलन में BJP की सियासत
नागौर, राजस्थान — आज नागौर जिले के मेड़ता/डांगावास में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और केंद्रीय कृषि मंत्री सहित कई वरिष्ठ नेताओं के साथ बड़े किसान सम्मेलन का आयोजन किया गया। हालांकि सम्मेलन के लिये लगाए गए पोस्टर चर्चाओं का केंद्र बने रहे। खास बात यह रही कि स्थानीय विधायक रेवंतराम डांगा के नाम और तस्वीर को पोस्टर में शामिल नहीं किया गया, जिससे राजनीतिक गलियारों में यह सवाल उठ रहा है कि क्या बीजेपी ने डांगा से दूरी बना ली है। Amar Ujala
राजस्थान सरकार के तहत आयोजित इस किसान सम्मेलन में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के साथ केंद्रीय मंत्री भी मौजूद रहे। सम्मेलन का उद्देश्य किसानों को नई योजनाओं और कृषि वित्तीय सहायता के बारे में दिशा-निर्देश देना तथा किसान कल्याण योजनाओं का लाभार्थियों तक पहुंचाना बताया गया है। इस अवसर पर विमर्श के दौरान कई योजनाओं का खुलासा भी किया गया। Krishi Jagran Hindi
लेकिन राजनीतिक चर्चा पोस्टर से रेवंतराम डांगा का नाम हटने के कारण शुरू हो गई। नागौर स्थित बीजेपी के पोस्टर्स में अन्य नेताओं के साथ मुख्यमंत्री और केन्द्रीय मंत्री की तस्वीरें प्रमुख थीं, लेकिन रेवंतराम डांगा की तस्वीर या नाम पोस्टर में शामिल नहीं किये गए थे। यही वजह है कि कुछ स्थानीय राजनीतिक विश्लेषक और कार्यकर्ता यह मान रहे हैं कि पार्टी ने डांगा से दूरी बनाना शुरू कर दिया है। Amar Ujala
डांगा और पार्टी के बीच सियासी तनाव
रेवंतराम डांगा, जो खींवसर विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक हैं, पहले आरएलपी से जुड़े रहे और बाद में भाजपा में शामिल हुए। वे नागौर के स्थानीय राजनीतिक पटल पर एक प्रभावशाली चेहरे के रूप में उभरे हैं लेकिन पिछले कुछ समय से उनके ऊपर लगे स्टिंग और कमीशन मांगने जैसे आरोपों ने पार्टी के अंदर उनकी स्थिति पर सवाल खड़े किये हैं। इन आरोपों को लेकर भाजपा ने उनसे स्पष्टीकरण मांगा है और पार्टी की नैतिकता समिति को मामला सौंप दिया है। Social News XYZ+1
राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि पार्टी नेता और संगठन के अन्य वरिष्ठ सदस्य इस बात को लेकर सख्त रुख अपनाना चाहते हैं कि सार्वजनिक कार्यक्रमों में किसी भी विवादित चेहरे की उपस्थिति से भाजपा को नुकसान हो सकता है। ऐसे में पोस्टर से नाम हटाना एक रणनीतिक निर्णय भी दिख रहा है। हालांकि पार्टी का आधिकारिक बयान अभी तक इस बारे में स्पष्ट नहीं आया है। Amar Ujala
सम्मेलन और स्थानीय प्रतिक्रियाएं
सम्मेलन में उपस्थित किसानों और कार्यकर्ताओं ने इस पोस्टर मुद्दे पर विभिन्न प्रतिक्रियाएं दीं। कुछ ने इसे राजनीतिक निर्णय बताया, तो कई स्थानीय कार्यकर्ता डांगा के समर्थन में भी दिखे। वहीं भाजपा समर्थक नेताओं का कहना रहा कि पार्टी का फोकस किसान कल्याण योजनाओं और कार्यक्रमों की सफलता पर है, न कि व्यक्तिगत नेताओं पर। Amar Ujala
इस बीच सम्मेलन में कृषि योजनाओं तथा किसान हितैषी फैसलों का लाभ उठाने के लिये कई किसानों ने अपनी उम्मीदें जताई। कार्यक्रम के सफल आयोजन के बाद अब राजनीतिक मतभेद भी सुर्खियों में हैं, जो आगे की सियासी बहस का विषय बन सकते हैं। Krishi Jagran Hindi
Author: Umesh Kumar
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