स्कूलों में बच्चों को हेलमेट-सीटबेल्ट सड़क सुरक्षा जागरूकता
हनुमानगढ़/चबा (राजस्थान/पंजाब) – सड़क सुरक्षा के लिए स्कूलों में बच्चों को मोटरसाइकिल हेलमेट, सीट बेल्ट और ट्रैफिक नियमों का संदेश देने हेतु एक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।
इस कार्यक्रम का आयोजन स्थानिक ट्रैफिक पुलिस और विद्यालय प्रशासन द्वारा संयुक्त रूप से किया गया था।
कार्यक्रम में कक्षा V से VIII तक के छात्रों ने हिस्सा लिया और सबसे पहले उन्हें हेलमेट पहनने तथा सीट बेल्ट का इस्तेमाल करने के जीवन-रक्षक फायदे के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई।
पुलिस अधिकारी उपनिरीक्षक दलजीत सिंह ने बताया कि हेलमेट और सीट बेल्ट सड़क दुर्घटनाओं में गंभीर चोटों से बचाने में अहम भूमिका निभाते हैं।
उन्होंने कहा, “हेलमेट पहनना सिर के गंभीर आघात से बचाता है और सीट बेल्ट सड़क दुर्घटना के समय यात्रियों को सुरक्षित रखता है।” The Tribune
📍 स्थान व आयोजन:
यह जागरूकता कार्यक्रम चबा इलाके के सरकारी वरिष्ठ माध्यमिक स्मार्ट स्कूल में आयोजित किया गया था।
कार्यक्रम में विद्यालय के प्राचार्य अवतार सिंह, शिक्षकों और बच्चों के माता-पिता की उपस्थिति रही। The Tribune
कार्यक्रम के प्रारंभ में, ट्रैफिक पुलिस ने छात्रों को हेलमेट वितरण किया।
प्रणाली के मुताबिक, हेलमेट वितरण का उद्देश्य बच्चों को सड़क पर सुरक्षित रहने के लिए प्रेरित करना है।
इसी दौरान बच्चों से कहा गया कि जब वे या उनके माता-पिता दो-पहिया वाहन पर सवार हों, तो हमेशा ISI मानक के हेलमेट का उपयोग करें।
पुलिस अधिकारी ने आगे यह भी स्पष्ट किया कि मोटरसाइकिल चलाते समय हेलमेट नहीं पहनना, तथा चारपहिया या अन्य वाहन में सीट बेल्ट न बांधना न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि जानलेवा भी हो सकता है। The Tribune
👦👧 बच्चों की भागीदारी:
कार्यक्रम में उपस्थित छात्रों ने सक्रिय रूप से प्रश्न पूछे और ट्रैफिक चैनलों व रोड सेफ्टी नियमों की महत्ता पर गहन रुचि दिखाई।
कई छात्रों ने यह बताया कि अब वे अपने माता-पिता को भी हेलमेट पहनने और सीट बेल्ट बाँधने के लिए प्रेरित करेंगे।
प्राचार्य अवतार सिंह ने कहा, “बच्चों को आज यही संदेश देना आवश्यक है कि सुरक्षा नियमों का पालन जीवन बचा सकता है। यह जागरूकता सिर्फ बच्चों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि पूरे समाज में फैलनी चाहिए।” The Tribune
🚓 पुलिस का बयान:
उपनिरीक्षक दलजीत सिंह ने कहा कि यह पहल सड़क हादसों को रोकने की दिशा में एक सकारात्मक कदम है।
उन्होंने आगे कहा, “हम नियमित रूप से स्कूलों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करते हैं ताकि आने वाली पीढ़ी सुरक्षित व्यवहार अपनाए और ट्रैफिक नियमों के प्रति उत्तरदायी बने।”
पुलिस ने बताया कि भविष्य में ऐसे कार्यक्रमों की संख्या बढ़ाई जाएगी तथा स्थानीय निवासियों के सहयोग से सड़क सुरक्षा गतिविधियों का दायरा और विस्तारित किया जाएगा। The Tribune
📌 Background:
भारत में अधिकांश सड़क दुर्घटनाएँ हेलमेट न पहनने और सीट बेल्ट का उपयोग नहीं करने के कारण होती हैं।
इसलिए केंद्रीय मोटर वाहन अधिनियम के अंतर्गत हेलमेट और सीट बेल्ट अनिवार्य हैं, ताकि यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
सरकारी और पुलिस अभियान ऐसे नियमों के बारे में जनता को जागरूक करने का कार्य करते हैं।
इस कार्यक्रम से स्कूलों में बच्चों को सही सड़क आचरण अपनाने के लिए प्रेरित करने की उम्मीद है। The Tribune
Author: Umesh Kumar
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