जयपुर: ससुराल उत्पीड़न से विवाहिता ने की आत्महत्या
जयपुर (राजस्थान) में आत्महत्या की एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जहाँ एक विवाहिता ने कथित दहेज उत्पीड़न और ससुराल द्वारा प्रताड़ना से बचने के लिये जीवन समाप्त कर लिया।
यह घटना महेश नगर थाना क्षेत्र में हुई, जहाँ 32 वर्षीय महिला ने विषाक्त पदार्थ का सेवन कर अपनी जान दे दी।
पुलिस और स्थानीय सूत्रों के अनुसार, मामला दहेज‑सम्बंधी मानसिक दबाव और पारिवारिक तनाव से जुड़ा है, जिससे वह काफी समय से परेशान थी। Patrika News
घटना की जानकारी मिलने के बाद महेश नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और प्रारंभिक जांच शुरू की।
पुलिस के शुरुआती बयानों में बताया गया कि पीड़िता ने विषाक्त पदार्थ खा लिया था और उसे अस्पताल ले जाया गया, लेकिन चिकित्सकों ने उसे बचाने में असमर्थ रहे और उसे मृत घोषित कर दिया गया।
जाँच अधिकारीयों ने कहा कि मामला दहेज के कारण उत्पीड़न और घरेलू तनाव से संबंधित हो सकता है, हालांकि अभी विस्तृत जांच जारी है। Patrika News
📅 घटना का समय और तारीख:
पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह मामला आज सुबह सामने आया, जब परिवार के सदस्यों ने महिला की हालत बिगड़ती देख उसे अस्पताल पहुँचाया।
लेकिन चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया और पुलिस को सूचित किया गया।
जाँच के दौरान यह पता चला कि महिला की शादी कुछ समय पहले हुई थी और शादी के बाद से ही घरेलू तनाव बढ़ रहा था। Patrika News
👨👩👧 पीड़िता का पारिवारिक जीवन:
परिवार और परिचितों के अनुसार, महिला को अपने ससुराल पक्ष द्वारा लगातार मानसिक दबाव और दहेज‑सम्बंधी तानों का सामना करना पड़ा।
परिवार ने पुलिस को बताया कि कई बार महिला ने रोते हुए कहा था कि वह इस तनाव का सामना नहीं कर सकती।
हालांकि पुलिस ने इस बात पर अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं की है कि यह आत्महत्या सीधे दहेज उत्पीड़न के कारण हुई।
पुलिस मामले को गंभीरता से लेते हुए विस्तृत जांच कर रही है। Patrika News
🚓 पुलिस का बयान:
महेश नगर पुलिस थाने से वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “हम आत्महत्या के कारणों की गहराई से जांच कर रहे हैं।
ऐसी परिस्थितियों में किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले हमें सभी सबूतों का विश्लेषण करना आवश्यक है।”
उन्होंने यह भी कहा कि अगर दहेज उत्पीड़न का मामला सिद्ध होता है तो संबंधित धाराओं के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी। Patrika News
📌 Background / सामाजिक प्रभाव:
दहेज‑सम्बंधी उत्पीड़न और घरेलू तनाव भारत में एक गंभीर सामाजिक समस्या बने हुए हैं।
कई बार ऐसे मामलों में महिलाएँ मानसिक दबाव, प्रताड़ना और सामाजिक अपमान का सामना करती हैं, जिससे मानसिक स्वास्थ्य पर गहरा प्रभाव पड़ता है।
सरकार और पुलिस नियमित रूप से दहेज प्रतिबंध कानून 498A के तहत मामलों की जांच करती है, लेकिन सच्चाई सामने लाने और परिवारों को समर्थ बनाने की दिशा में और प्रयासों की आवश्यकता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, आत्महत्या जैसे कदम उठाने से पहले पीड़ितों को मनोवैज्ञानिक और सामाजिक सहायता प्रदान करना अत्यंत आवश्यक है। Navbharat Times
Author: Umesh Kumar
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