फर्जी डिग्री रैकेट: BSS चेन्नई यूनिवर्सिटी डायरेक्टर गिरफ्तार
जयपुर (राजस्थान) से एक बड़ी फर्जी डिग्री की खबर सामने आई है। राजस्थान पुलिस की स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) टीम ने भारत सेवक समाज चेन्नई यूनिवर्सिटी (BSS Chennai University) के डायरेक्टर एस.ए.जी. मॉयसन को चेन्नई से गिरफ्तार किया है। आरोप है कि यह संस्था बिना किसी मान्यता के हजारों फर्जी डिग्री जारी कर रही थी, जिसका इस्तेमाल कई सरकारी भर्ती परीक्षाओं में किया गया। https://rajasthan.ndtv.in/
घटना का खुलासा तब हुआ जब SOG को कई शिकायतें मिलीं, जिनमें फायरमैन और लाइब्रेरियन जैसे सरकारी भर्ती परीक्षाओं में फर्जी डिग्रीयों के इस्तेमाल का हवाला दिया गया था। इसी बीच पटवारी भर्ती परीक्षा के दौरान एक उम्मीदवार के मोबाइल में मिली फर्जी डिग्री ने जांच को गति दी। SOG टीम ने मामले की पड़ताल की तो पूरे रैकेट का नेटवर्क सामने आया। https://rajasthan.ndtv.in/
यूनिवर्सिटी का स्वरूप और नेटवर्क
SOG ने बताया कि BSS चेन्नई यूनिवर्सिटी असल में कोई मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय नहीं थी। यह संस्था बिना किसी सरकारी या शिक्षा विभाग की मंजूरी के चल रही थी और 1000 से अधिक प्रोफेशनल कोर्सेज के नाम पर डिग्रियां जारी कर रही थी। इसके साथ ही इस नेटवर्क में लगभग 10,000 अन्य छोटे-मोटे संस्थान जुड़े हुए थे, जिनमें से लगभग 7000 आज भी संचालित हो रहे हैं। https://rajasthan.ndtv.in/
SOG के डीआईजी परेश देशमुख ने बताया कि डिग्रियों का खेल व्हाट्सएप और कूरियर के माध्यम से संचालित होता था। आरोपियों को एक डिग्री के लिए 15,000 से 50,000 रुपये तक लिए जाने की बात भी सामने आई है। ऐसे में यह स्पष्ट है कि इस फर्जी डिग्री रैकेट ने लाखों रुपये का व्यापार किया होगा और इसके कई सरकारी भर्ती कार्यों में उपयोग होने के संकेत मिले हैं। https://rajasthan.ndtv.in/
गिरफ्तारी और पुलिस कार्रवाई
SOG ने डायरेक्टर के अलावा दौसा के एक इंस्टिट्यूट संचालक को भी गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी के बाद पूछताछ जारी है और जांच में सामने आया है कि इन फर्जी डिग्रीयों का इस्तेमाल फायरमैन और लाइब्रेरियन नौकरियों समेत कई भर्ती परीक्षाओं में किया गया है। पुलिस अब उन लोगों की पहचान करने में जुटी है जिन्होंने इन डिग्रियों के भरोसे सरकारी नौकरियों के लिए आवेदन किया था। https://rajasthan.ndtv.in/
Background और प्रभाव
राजस्थान में पिछले कुछ समय में फर्जी डिग्री के मामलों में कई खुलासे हुए हैं। इसी साल उत्तर प्रदेश में जेएस यूनिवर्सिटी की मान्यता रद्द की गई थी, जहां भी फर्जी डिग्रीयों के इस्तेमाल के आरोप लगे थे। ABP News
SOG की जांच के अनुसार, यह रैकेट केवल एक शहर या राज्य तक सीमित नहीं था। फर्जी डिग्रियों का नेटवर्क पूरे देश में फैल रहा था और लाखों छात्रों व नौकरी चाहने वालों को इसका फायदा या नुकसान हुआ है। SOG का कहना है कि आगे इस मामले में और गिरफ्तारी और आपके डाटा की जांच जारी रहेगी। https://rajasthan.ndtv.in/
Author: Umesh Kumar
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