हनुमानगढ़ में सर्पदंश से युवक की मौत, 6 दिन बाद तोड़ा दम
हनुमानगढ़ जिले में सांप के काटने के एक गंभीर मामले में छह दिन बाद एक युवक की मौत हो गई। मृतक पिछले दो वर्षों से हनुमानगढ़ में रहकर काम कर रहा था। युवक की हालत बिगड़ने और बाद में मौत होने की जानकारी उसके साथ काम करने वाले साथी ने पुलिस को दी, जिसके बाद मामले में मर्ग दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू की गई।
जानकारी के अनुसार युवक को काम के दौरान या रिहायशी क्षेत्र में सांप ने काट लिया था। शुरुआती समय में उसने इस घटना को सामान्य समझा और स्थानीय स्तर पर इलाज कराया। हालांकि, समय बीतने के साथ उसकी तबीयत बिगड़ती चली गई। इसके बाद उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उपचार शुरू किया।
इसी बीच इलाज के दौरान युवक की हालत में कोई खास सुधार नहीं हुआ। घटना के लगभग छह दिन बाद उसने दम तोड़ दिया। युवक की मौत की सूचना मिलते ही उसके साथ काम करने वाले साथी ने स्थानीय पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने अस्पताल पहुंचकर शव का पंचनामा किया और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू की।
पुलिस जांच में जुटी, पोस्टमॉर्टम से होगा खुलासा
पुलिस अधिकारियों के अनुसार प्रथम दृष्टया मामला सांप के काटने से जुड़ा प्रतीत हो रहा है। हालांकि मौत का सटीक कारण पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा। पुलिस का कहना है कि मृतक के साथी के बयान के आधार पर रिपोर्ट ली गई है और सभी तथ्यों की जांच की जा रही है।
वहीं, युवक के परिवार को भी घटना की सूचना दे दी गई है। परिजन के पहुंचने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि युवक को कब और कहां सांप ने काटा था तथा इलाज में किसी प्रकार की लापरवाही तो नहीं हुई।
सर्पदंश मामलों पर फिर उठे सवाल
इस घटना के बाद एक बार फिर ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में सांप के काटने से होने वाली मौतों पर सवाल खड़े हो गए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि सर्पदंश के मामलों में समय पर एंटी-वेनम और विशेषज्ञ इलाज बेहद जरूरी होता है। देरी होने पर जहर शरीर में तेजी से फैलता है, जिससे जान का खतरा बढ़ जाता है।
दूसरी ओर स्थानीय लोगों का कहना है कि जागरूकता की कमी के कारण कई बार लोग शुरुआती लक्षणों को गंभीरता से नहीं लेते। इसलिए ऐसे मामलों में तुरंत अस्पताल पहुंचना जरूरी है।
इसलिए स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन से मांग की जा रही है कि सर्पदंश से जुड़े मामलों में त्वरित चिकित्सा व्यवस्था और जागरूकता अभियान को और मजबूत किया जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
Author: Umesh Kumar
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