नाबालिग शूटर से रेप आरोप: नेशनल कोच सस्पेंड, FIR दर्ज
फरीदाबाद/नई दिल्ली: हरियाणा पुलिस ने रेप के गंभीर आरोप के तहत एक नेशनल शूटिंग कोच के खिलाफ मामला दर्ज किया है और फ़ेडरेशन ने उसे तत्काल सस्पेंड कर दिया है। 17 वर्षीय नाबालिग महिला शूटर ने आरोप लगाया है कि कोच ने उसे परफॉर्मेंस समीक्षा के बहाने फरीदाबाद के एक होटल के कमरे में बुलाया और उसके साथ यौन शोषण किया। mint+1
घटना के अनुसार, यह मामला पिछले वर्ष दिसंबर में हुआ था, जब नाबालिग ने दिल्ली के डॉ. करणी सिंह शूटिंग रेंज में राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में हिस्सा लिया था। इसके बाद कोच ने उसे होटल के लॉबी में मिलने के लिए कहा और फिर कथित रूप से होटल के कमरे में जबरदस्ती उसकी यौन शोषण की कोशिश की। पीड़िता ने पुलिस शिकायत में बताया कि कोच ने उसे विरोध करने पर धमकी दी कि अगर उसने यह बात किसी को बताई तो उसके करियर को बर्बाद कर दिया जाएगा और परिवार को नुकसान पहुँचाया जाएगा। mint+1
फरीदाबाद पुलिस ने इस मामले की एफआईआर महिला पुलिस थाना, NIT फरीदाबाद में दर्ज की है। इसमें Protection of Children from Sexual Offences (POCSO) Act की धारा 6 और Bharatiya Nyaya Sanhita की धारा 351(2) के तहत आरोप लगाये गए हैं। पुलिस ने होटल प्रशासन से सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल फोन रिकॉर्ड्स और गवाहों के बयान इकट्ठा करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। जांच अधिकारी कहते हैं कि सभी सबूतों को सुरक्षित रखा जा रहा है और आरोपी से पूछताछ जल्द की जाएगी। mint+1
नेशनल कोच का निलंबन
घटना के सार्वजनिक होने के बाद नेशनल राइफल एसोसिएशन ऑफ़ इंडिया (NRAI) ने आरोपों की गंभीरता को देखते हुए कोच अंकुश भरद्वाज को सभी कोचिंग कार्यों से सस्पेंड कर दिया है। NRAI के सचिव राजीव भाटिया ने कहा कि यह कार्रवाई “नैतिक आधारों पर” की गई है और जाँच पूरी होने तक वह किसी भी कार्यक्रम या पद पर नहीं रहेंगे। mint+1
पीड़िता का बयान और डर
पुलिस शिकायत में पीड़िता ने कहा कि कोच ने उसे परफॉर्मेंस रिव्यू के बहाने होटल के कमरे में बुलाया था और जब उसने इनकार किया, तो उसे कमरे में अलग रखने का दबाव बनाया। उसने यह भी कहा कि कोच ने उसे धमकाया कि अगर उसने परिवार या कोचिंग स्टाफ को कुछ बताया तो उसके सपनों और करियर को खतरा होगा। IANS News
महिला आयोग की प्रतिक्रिया
हरियाणा महिला आयोग ने भी इस मामले पर संज्ञान लिया है और पुलिस कमिश्नर को निर्देश दिया है कि एक विशेष टीम इस मामले की त्वरित जांच करे और FIR पर कार्रवाई की स्थिति रिपोर्ट जल्द प्रदान करे। आयोग ने इसे “अत्यंत गंभीर” मामला बताया है और पीड़िता की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। The Hans India
खेल जगत और सुरक्षा चिंताएँ
इस घटना ने खेल जगत में युवा खिलाड़ियों की सुरक्षा और कोच-अथलीट संबंधों की निगरानी पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञ कहते हैं कि प्रशिक्षकों और राष्ट्रीय संस्थानों को ऐसे मामलों में सख्त सुरक्षा मानक अपनाने की जरूरत है, ताकि नाबालिगों की भलाई और शोषण से सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
Author: Umesh Kumar
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