सोना‑चांदी के भाव में भारी गिरावट, मुनाफावसूली का असर
चांदी और सोने के बाजार में आज (8 जनवरी 2026) प्रॉफिट बुकिंग के कारण तेज गिरावट दर्ज की गई। इसी बीच चांदी की कीमत करीब ₹12 हजार प्रति किलो गिरकर ₹2.36 लाख प्रति किलो तक आ गई है, जबकि सोने के भाव में भी लगभग ₹1,232 प्रति 10 ग्राम की गिरावट देखी गई है। यह गिरावट राष्ट्रीय बाजार में इंडस्ट्री और निवेशकों के बीच तेजी से बिकवाली के कारण आई है। AajTak+1
वहीं इंडिया बुलियन और ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के ताज़ा डेटा के अनुसार आज सुबह चांदी (999 शुद्धता) का भाव पिछले कुछ दिनों के रिकॉर्ड स्तर से गिरकर लगभग ₹2,36,000–₹2,37,000 प्रति किलो के आसपास पहुँच गया है। वहीं सोने के भाव में भी गिरावट दर्ज हुई है और यह लगभग ₹1.35 लाख प्रति 10 ग्राम पर ट्रेड कर रहा है। AajTak
चांदी और सोने की कीमतों में यह बदलाव गुरुवार को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर ट्रेडिंग के दौरान आया। ट्रेडिंग सत्र में उच्चतम स्तरों के बाद निवेशकों और ट्रेडर्स ने अपने लाभ को सुरक्षित करने के लिए तेजी से बिकवाली की, जिससे भाव नीचे आए। इसी के कारण आज की शुरुआत में चांदी के भाव में ₹12,000 तक की गिरावट और सोने के भाव में भी मोटे तौर पर ₹1,232 तक की कमी देखने को मिली। AajTak
प्रॉफिट बुकिंग — यानी निवेशकों द्वारा पहले से उच्च स्तर पर खरीदी गई धातुओं को बेचकर मुनाफा सुरक्षित करना — इस गिरावट का मुख्य कारण माना जा रहा है। ऐसे में जब धातुओं ने पिछले कुछ सप्ताह में रिकॉर्ड स्तर हासिल किए, तो निवेशक खरीद के बाद तेजी से लाभ निकलने लगे और कीमतों पर दबाव बढ़ा। इसका असर बाजार में आज सामने आया। The Economic Times
बढ़ती कीमतों और वैश्विक बाजार की अस्थिरता के बीच, चांदी और सोने दोनों ने 2025 में ऐतिहासिक उच्च स्तरों को छुआ था। उदाहरण के लिए, चांदी 2025 के अंत में लगभग ₹2.54 लाख प्रति किलो तक पहुंच चुकी थी और सोना भी ऊँचे स्तर पर ट्रेंड कर रहा था, लेकिन अब बाजार रिट्रेसमेंट के चरण में आया है। निवेशक और ट्रेडर अब वैश्विक संकेतों, ब्याज दरों और डॉलर की चाल पर भी नजर रख रहे हैं। TV9 Bharatvarsh+1
वहीं इस गिरावट का असर खुदरा बाजारों तक भी देखा जा सकता है। दिल्ली, मुंबई, चेन्नई और अन्य बड़े शहरों में सोना और चांदी की खुदरा दरों में भी गिरावट आई है। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि यह गिरावट केवल समय‑समय की मुनाफावसूली का परिणाम है और यदि वैश्विक मांग और आर्थिक संकेत सकारात्मक बने रहते हैं, तो धातुओं के भाव में स्थिरता वापस आ सकती है। The Economic Times
सराफा बाजार के जानकारों के अनुसार, फिलहाल निवेशकों को संयम और बाजार के लंबी अवधि के रुझानों को समझकर ही निर्णय लेने की सलाह दी जा रही है।
Author: Umesh Kumar
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