हनुमानगढ़: नर्सेज-पैरामेडिकल कर्मियों का प्रदर्शन
हनुमानगढ़, राजस्थान — सागरकुण्डी रोड स्थित हनुमानगढ़ जिला कलेक्टोरेट के सामने बुधवार को संविदा नर्सेज और पैरामेडिकल कर्मियों ने बड़ा प्रदर्शन किया। कर्मचारियों की मांग थी कि राज्य सरकार अस्थायी कर्मचारियों की भर्ती नियमित भर्ती प्रक्रिया में मेरिट और बोनस अंकों के आधार पर करे।
प्रदर्शन सुबह लगभग 10 बजे शुरू हुआ। नगर के स्थानीय स्वास्थ्य केंद्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और जिला अस्पतालों में काम करने वाले संविदा नर्सेज तथा पैरामेडिकल कर्मियों ने अपनी चिंताओं को प्रशासन के समक्ष रखा। प्रदर्शनकारियों में महिलाओं की संख्या ज्यादा थी, क्योंकि कई नर्सेज लंबे समय से अस्थायी पदों पर कार्यरत हैं और स्थायी भर्ती न होने से नौकरी-सुरक्षा और तरक्की के अवसर सीमित हो रहे हैं।
प्रदर्शन की वजह और मांगें
प्रदर्शनकारी समूह ने कहा कि वर्तमान में चल रही भर्ती प्रक्रियाएँ पारदर्शी नहीं हैं और प्रत्येक पद के लिए मेरिट और बोनस अंकों को प्राथमिकता से लागू नहीं किया जा रहा है। इस कारण कई योग्य उम्मीदवारों को अस्थायी नियुक्ति पर ही रोक दिया जाता है और उनका करियर प्रभावित होता है। इसके अलावा, उन्होंने यह भी कहा कि नियमित भर्ती न होने की वजह से वे आर्थिक और सामाजिक दबाव में हैं, क्योंकि उन्हें तनख्वाह में नियमितता नहीं मिल पाती और भविष्य की योजनाएँ भी प्रभावित हो रही हैं।
प्रदर्शनकारियों ने एक ज्ञापन जिला कलेक्टर को सौंपा, जिसमें उन्होंने सरकार से अनुरोध किया कि
• अस्थायी नर्सेज तथा पैरामेडिकल कर्मियों की भर्ती प्रक्रिया जल्द लागू की जाए,
• भर्ती मेरिट में बोनस अंक को मान्यता दी जाए,
• और भविष्य में इसी तरह की अस्थायी नियुक्तियों को नियमित में बदला जाए।
प्रशासन का official जवाब
प्रदर्शन खत्म होने के बाद हनुमानगढ़ जिला प्रशासन ने जवाब दिया कि उनकी मांगों को गंभीरता से लिया जा रहा है। कलेक्टोरेट के एक अधिकारी ने बताया कि “[…] हम इस मामले को स्वास्थ्य विभाग के साथ मिलकर समीक्षा करेंगे और जल्द ही समाधान निकालने की कोशिश करेंगे।” उन्होंने यह भी कहा कि भर्ती प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और मेरिट-आधारित बनाने के लिए राज्य स्तर पर अधिकारियों के साथ चर्चा जारी है।
Background और व्यापक संदर्भ
राजस्थान में नर्सेज और पैरामेडिकल स्टाफ की भर्ती का मुद्दा कई जिलों में लंबे समय से सुर्खियों में रहा है। अन्य हिस्सों में भी समान मांगों के साथ प्रदर्शन देखने को मिला है जहाँ स्थानीय स्वास्थ्य कर्मचारियों ने स्थायी भर्ती, वेतन और सुविधा-सुधार की मांग उठाई है। इन मांगों का आधार यह है कि समय-समय पर अस्थायी नियुक्तियाँ बढ़ती चली जा रही हैं, लेकिन उनमें नियमितीकरण और पारदर्शिता नहीं है।
दूसरी ओर, कर्मचारी यह भी कहते हैं कि अगर सरकार ने उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया, तो वे आंदोलन को और बढ़ाने के लिए और अधिक दिवस-व्यापी धरने, जनसमूह रैली और संवाद बंद आंदोलन जैसी रणनीतियाँ अपनाने को तैयार हैं।
Author: Umesh Kumar
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