ईरान में फंसे इंडियन स्टूडेंट्स: पैसे खत्म, हॉस्टल में कैद, फैमिली ने लगाई मदद की गुहार
ईरान में जारी राजनीतिक अस्थिरता और बड़े विरोध प्रदर्शनों के बीच हज़ारों भारतीय स्टूडेंट्स वहां फंसे हुए हैं और उनकी स्थिति गंभीर बनी हुई है। कई छात्रों के पैसे खत्म हो गए हैं, वे हॉस्टल में कैद हैं और बुनियादी जरूरतें भी पूरी नहीं कर पा रहे हैं—परिवार और छात्र दोनों चिंता में हैं।
परिवारों ने बताया कि उनके बच्चों के पासपोर्ट और पैसे तक पहुंच नहीं है, जिससे वे खाना, यात्रा और टिकट खरीदने जैसी आवश्यक गतिविधियाँ नहीं कर पा रहे हैं। कुछ छात्रों के परिवारों ने बताया कि इंटरनेट बंद होने के कारण उन्हें अपने बच्चों से संपर्क भी मुश्किल से हो रहा है, जिससे स्थिति और भी तनावपूर्ण है।
एक छात्र की मां ने कहा कि उनके बच्चे को चावल खरीदने के लिए पैसे तक नहीं हैं, जबकि हॉस्टल में निकलना भी खतरनाक है। ऐसे में छात्र आशंका में हैं कि कैसे वे इंडियन दूतावास या एयरपोर्ट तक पहुंचेंगे। कई छात्र इस समय इमरजेंसी वीज़ा प्रक्रिया और पासपोर्ट संबंधी आवश्यक फ़ॉर्मलिटी पूरी कर रहे हैं, ताकि जल्द से जल्द स्वदेश लौट सकें।
भारतीय परिवारों का कहना है कि छात्रों के पास टिकट खरीदने के पैसे नहीं हैं और इंटरनेट बंद होने के कारण उन्हें पैसे भेजना भी कठिन है। कई छात्र अब तक एग्ज़िट वीज़ा नहीं ले पाए हैं, जिससे उनकी वापसी प्रक्रिया और भी कठिन हो गई है।
स्थिति का कारण:
ईरान में व्यापक विरोध प्रदर्शन, इंटरनेट शटडाउन, और सुरक्षा संबंधी चिंताओं के कारण कई भारतीय छात्रों की रोज़मर्रा की ज़िंदगी प्रभावित हो रही है। प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच झड़पों से माहौल तनावपूर्ण हो गया है, जिससे छात्र अपने हॉस्टल से बाहर निकलने में भी दिक्कत महसूस कर रहे हैं।
भारत सरकार की प्रतिक्रिया:
विदेश मंत्रालय और भारतीय दूतावास स्थिति पर कड़ी नजर रखे हुए हैं। सरकार ने ईरान में रहने वाले सभी भारतीय नागरिकों को जल्द से जल्द देश छोड़ने की सलाह दी है और यह सुनिश्चित करने के लिए हर संभव कदम उठाने की बात कही है। इसके लिए ऑपरेशन सिंधु जैसे प्रयासों के तहत कई भारतीय नागरिकों को पहले ही सुरक्षित निकाला जा चुका है।
कुछ पहले निकाले गए छात्रों और नागरिकों ने कहा कि भारत सरकार और दूतावास के प्रयासों से उन्हें सुरक्षित वापस आने में मदद मिली है, लेकिन अभी भी सैंकड़ों छात्र और नागरिक ईरान में फंसे हैं और उनके परिजन हर रोज़ उनकी ख़बर ले रहे हैं।
📍 Challenges:
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इंटरनेट बंद होने से संपर्क टूटना
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छात्रों के पासपोर्ट और पैसे की कमी
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बाहरी हिंसा और सुरक्षा खतरा
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एयरस्पेस बंद या सीमित उड़ानें
इन कारणों से फंसे छात्रों की वापसी प्रक्रिया अभी भी चुनौतीपूर्ण है। परिवारों का कहना है कि सरकार को सीधे टिकट खरीदकर छात्रों को निकालने में मदद करनी चाहिए, ताकि वे जल्द सुरक्षित भारत लौट सकें।
Author: Umesh Kumar
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