शिक्षक भर्ती परीक्षा: सेंटर के बाहर पानी, शौचालय की समस्या

शिक्षक भर्ती परीक्षा केंद्रों के बाहर बुनियादी सुविधाओं का अभाव, परिजनों ने जताई खस्ता हालत

राजस्थान समेत कई राज्यों में शिक्षक भर्ती परीक्षा (Teacher Recruitment Exam) के दौरान परीक्षा केंद्रों के बाहर अभ्यर्थियों के परिजनों को बुनियादी सुविधाओं के अभाव का सामना करना पड़ा है। परिजन आरोप लगा रहे हैं कि केंद्रों के बाहर पीने का पानी नहीं था, न ही शौचालय की उचित व्यवस्था, जिससे उन्हें फुटपाथ पर बैठकर लंबे समय तक इंतजार करना पड़ा। यह समस्या विशेष रूप से राजस्थान में हुई टीचर लेवल-1 परीक्षा के दौरान देखने को मिली।

राजस्थान के कई परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा के लिए आए अभ्यर्थियों के साथ आए परिजन भारी कठिनाइयों में थे। धौलपुर निवासी गब्बर सिंह ने बताया कि उनकी पत्नी सुभाषचौक स्थित नेताजी सुभाष राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय के पास परीक्षा दे रही थीं और वह अपनी दो साल की बेटी के साथ इंतजार कर रहे थे। उन्होंने कहा कि केंद्रों के बाहर बैठने की कोई व्यवस्था नहीं थी, और पीने का पानी तथा शौचालय जैसी मूल सुविधाएँ भी अनुपलब्ध थीं। मजबूरी में लोगों को फुटपाथ पर घंटों बैठकर इंतजार करना पड़ा

इस बीच परिजनों ने कहा कि ये समस्याएँ छोटी-सी लग सकती हैं, लेकिन बुजुर्गों, महिलाओं और छोटे बच्चों के लिए यह अत्यंत कठिन साबित हुई हैं। उन्होंने कहा कि परीक्षा केंद्रों के पास पूरा दिन गुजारना, बिना पानी और बिना शौचालय सुविधाओं के असुविधाजनक है और यह परिवारों की शारीरिक परेशानी और मानसिक तनाव भी बढ़ा रहा है।

उत्तर प्रदेश के बलिया जिले से भी इस तरह की शिकायतें सामने आईं, जहाँ पर परीक्षार्थियों के परिजन ने बताया कि परीक्षा केंद्रों के बाहर कोई उचित इंतज़ाम नहीं था, जिससे परिवारिक सदस्य असहज महसूस कर रहे थे।

परिजनों के अलावा कुछ अभ्यर्थियों ने परीक्षा बोर्ड द्वारा एडमिट कार्ड देर से जारी किए जाने पर भी नाराज़गी जताई है। उनका कहना है कि दूर-दराज से आए अभ्यर्थियों को यात्रा, रहने और समय की योजना बनाने में समस्या होती है, जिससे परीक्षा के दिन सुविधाओं का अभाव और भी स्पष्ट हो जाता है।

परीक्षा के दौरान बुनियादी सुविधाओं जैसे पीने के पानी की उपलब्धता, पर्याप्त बैठने की व्यवस्था, और साफ-सुथरे शौचालयों की सही व्यवस्था सुनिश्चित नहीं होने से अभ्यर्थियों तथा उनके परिजनों में भारी रोष है। वे मांग कर रहे हैं कि भविष्य में ऐसी परीक्षाओं के दौरान प्रशासन और परीक्षा बोर्ड बुनियादी सुविधाओं की पर्याप्त व्यवस्था करें, ताकि सभी अभ्यर्थियों और उनके परिजनों को सम्मानजनक और सुरक्षित वातावरण मिले।

परीक्षा केंद्रों की अव्यवस्थाओं ने प्रशासन और परीक्षा बोर्ड की तैयारी पर गंभीर सवाल उठाए हैं। अभ्यर्थियों के परिजन यह भी कहते हैं कि यदि परीक्षा के दौरान बुनियादी सुविधाएँ सुनिश्चित की जाएँ, तो परीक्षार्थियों और उनके परिवार के लिए यह अनुभव अपेक्षाकृत बेहतर हो सकता है।

Umesh Kumar
Author: Umesh Kumar

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