गोगामेड़ी नाकाबंदी: 6.43 ग्राम हेरोइन के साथ दो युवक गिरफ्तार
राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले, गोगामेड़ी थाना क्षेत्र में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ पुलिस की सख्त कार्रवाई में 6.43 ग्राम हेरोइन जब्त की गई है। इसी कार्रवाई में दो युवा आरोपियों को गिरफ़्तार किया गया है। यह पुलिस ऑपरेशन 17 जनवरी 2026 को दोपहर करीब 1 बजे नाकाबंदी के दौरान किया गया।
इसी बीच गोगामेड़ी पुलिस निरीक्षक (SI) ने बताया कि यह कार्रवाई गोगामेड़ी–सरनाल मोटर मार्ग पर एक नियमित चेकिंग नाकाबंदी के दौरान हुई। पुलिस टीम को कुछ संदिग्ध युवकों सहित एक मारुति ऑल्टो कार दिखाई दी, जिसकी नंबर प्लेट और ड्राइवर का व्यवहार संदेह के दायरे में आया। पुलिस ने गाड़ी को रोकने का इशारा किया।
नाकाबंदी के दौरान तलाशी
वहीं, जब गाड़ी को रोका गया और तलाशी ली गई, तो कार में रखे एक छोटे बैग से 6.43 ग्राम ब्राउन क्लोरिनेट हेरोइन बरामद हुई। यह मात्रा आमतौर पर नशे के सौदेबाज़ों द्वारा छोटे पैकेटों में बेचने के लिए रखी जाती है, जिससे यह नशा तस्करों के नेटवर्क का हिस्सा प्रतीत होती है। तलाशी के समय आरोपियों की पहचान करण सिंह (27 वर्ष) और अमीत यादव (23 वर्ष) के रूप में हुई, जो दोनों हनुमानगढ़ जिले के निवासी बताए जा रहे हैं।
पुलिस की पूछताछ और कार्रवाई
पुलिस टीम ने दोनों युवकों को तुरंत हिरासत में ले लिया और उनके खिलाफ एनडीपीएस (Narcotic Drugs and Psychotropic Substances) एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस ने बताया कि दोनों आरोपियों से पूछताछ जारी है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने यह दावा किया कि उन्होंने हेरोइन को हनुमानगढ़ शहर से खरीदा था और इसे राज्य के अन्य हिस्सों में सप्लाई करने की नीयत से ले जा रहे थे।
इसके अलावा पुलिस ने कहा कि यह सिर्फ घरेलू स्तर की तस्करी नहीं बल्कि इसके पीछे संभवत: बड़े नेटवर्क का हिस्सा होने की संभावना भी जताई जा रही है। इसलिए संदिग्ध सप्लायरों और संभावित अन्य जुड़े लोगों की पहचान के लिए पूछताछ जारी रखी गई है।
पुलिस विभाग की आधिकारिक प्रतिक्रिया
गोगामेड़ी थाना प्रभारी ने बताया कि “हम नशे के अवैध कारोबार और तस्करी को बर्दाश्त नहीं करेंगे। आज की बरामदगी सख्त संदेश है कि पुलिस नशे के खिलाफ न सिर्फ निगरानी कर रही है बल्कि सक्रिय रूप से कार्रवाई भी कर रही है।” उन्होंने आगे कहा कि “आरोपियों को जल्द ही कोर्ट में पेश किया जाएगा और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी।”
इसके अलावा वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने कहा कि नशे की समस्या से निपटने के लिए जिले भर में नाकाबंदी और गुप्त सूचना (इंटेलीजेंस) नेटवर्क को मजबूत किया जा रहा है, ताकि ऐसे मामलों को शुरुआती स्तर पर पकड़ा जा सके।
Background और असर
राजस्थान में पिछले कुछ महीनों में नशे के अवैध कारोबार को रोकने के लिए ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति को लागू किया गया है। इसके तहत हेरोइन, अफ़ीम, गांजा जैसी मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ कठोर कार्रवाई जारी है। इससे न केवल तस्करों को चौंकाया गया है, बल्कि जनता में भी पुलिस की सक्रियता का संदेश गया है।
यह कार्रवाई नशे के सामाजिक और अपराध-प्रेरित असर को कम करने की दिशा में एक छोटा लेकिन महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
आगे की जांच
पुलिस फिलहाल आरोपियों की फोन रिकॉर्ड, मोबाइल और वाहन के अन्य हिस्सों की जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस नेटवर्क की जड़ कितनी गहरी है और इसका विस्तृत नेटवर्क किन इलाकों तक फैला हुआ है।
इस प्रकार, गोगामेड़ी पुलिस की सतर्कता और समय पर की गई नाकाबंदी ने न केवल हेरोइन की तस्करी को रोका है बल्कि संभावित बड़े अपराध नेटवर्क को खुलासे की दिशा में एक मजबूत आधार भी प्रदान किया है।
Author: Umesh Kumar
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