हनुमानगढ़ में किसान-मजदूरों का कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन, ज्ञापन मुख्यमंत्री को सौंपा
हनुमानगढ़, राजस्थान: शनिवार को हनुमानगढ़ जिले के कलेक्ट्रेट परिसर में किसान और मजदूरों का प्रदर्शन देखने को मिला। प्रदर्शन में CITU (कम्युनिस्ट ट्रेड यूनियन ऑफ इंडिया) और अखिल भारतीय किसान सभा (AIKS) के सदस्य शामिल थे। उन्होंने मुख्यमंत्री को अपने 21 सूत्री मांग पत्र के साथ ज्ञापन सौंपा और राज्य सरकार से कृषि और मजदूरी संबंधी सुधारों की मांग की।
प्रदर्शनकारी किसान और मजदूर सुबह करीब 10:00 बजे कलेक्ट्रेट के मुख्य द्वार पर एकत्र हुए। उन्होंने अपने प्लैकर्ड और बैनरों के माध्यम से कई स्थानीय और राज्य स्तर की मांगों को उठाया। इसमें कृषि में न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की गारंटी, सिंचाई सुविधाओं में सुधार, मजदूरी बढ़ाने और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का क्रियान्वयन शामिल था।
किसानों ने बताया कि पिछले कुछ महीनों में उन्हें फसलों की लागत और उत्पादन के लिए पर्याप्त समर्थन नहीं मिला है, जबकि मजदूरों का कहना था कि उन्हें उचित मजदूरी और सुरक्षित कार्यस्थल की सुविधा नहीं मिल रही। प्रदर्शन के दौरान उन्होंने जोर देकर कहा कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया, तो वे भविष्य में बड़े पैमाने पर आंदोलनों के लिए बाध्य होंगे।
इसी बीच सीटू और AIKS के नेताओं ने अधिकारियों से सीधे बातचीत की और मुख्यमंत्री को 21 सूत्री मांग पत्र सौंपा। नेताओं का कहना था कि यह ज्ञापन पूरी तरह से शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और श्रमिक कल्याण से जुड़े मुद्दों पर केंद्रित है। उन्होंने अधिकारियों से आग्रह किया कि राज्य सरकार इन मांगों को गंभीरता से लेकर समाधान निकाले।
कलेक्ट्रेट प्रशासन ने प्रदर्शन को शांतिपूर्ण बनाए रखने के लिए सुरक्षा कर्मचारियों की तैनाती की और अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों की मांगों को रिकॉर्ड किया। प्रशासन ने आश्वासन दिया कि ज्ञापन में उठाए गए मुद्दों की समीक्षा की जाएगी और सरकार जल्द ही सम्बंधित विभागों के साथ बैठक कर समाधान निकालेगी।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि यह केवल शुरुआती कदम है और यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो किसान और मजदूर भारी संख्या में आंदोलन करने के लिए तैयार हैं। वहीं अधिकारियों ने कहा कि राज्य सरकार किसानों और मजदूरों की समस्याओं को गंभीरता से ले रही है और जल्द ही समाधान के प्रयास किए जाएंगे।
हनुमानगढ़ में इस तरह का शांतिपूर्ण प्रदर्शन यह दर्शाता है कि किसानों और मजदूरों की आवाज़ अब सीधे प्रशासन तक पहुंच रही है, और सरकार के सामने उनके मुद्दों का समाधान करना जरूरी है।
Author: Umesh Kumar
welcome to Jhalko Bagdi



