पूर्व सरपंच हत्याकांड में गैंगस्टर लॉरेंस दोषी, आनंदपाल गैंग के इशारे पर सुपारी दी गई थी
सीकर (राजस्थान): राजस्थान के जुराठड़ा गांव में पूर्व सरपंच सरदार राव की हत्या मामले में कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई को अदालत ने दोषी करार दिया है। यह फैसला 8 साल बाद आया है और जांच में सामने आया कि हत्या आनंदपाल गैंग से जुड़े बदमाश सुभाष बराल के इशारे पर करवाई गई थी। आरोपी लॉरेंस बिश्नोई वर्तमान में अजमेर जेल में बंद है।
इस सरपंचहत्या मामले का सिलसिला वर्ष 2018 से शुरू हुआ था, जब जुराठड़ा गांव के पूर्व सरदार राव की रात के समय फायरिंग कर हत्या कर दी गई थी। हत्या के बाद से ही आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था, लेकिन विस्तृत जांच और सुबूत इकट्ठा करने में पुलिस को वर्षों लगे। बाद में यह सामने आया कि हत्या को संगठित गिरोह द्वारा योजनाबद्ध तरीके से अंजाम दिया गया था।
इसी बीच जांच अधिकारियों ने पाया कि आनंदपाल गैंग के सुभाष बराल ने लॉरेंस बिश्नोई के संपर्क में रहकर हत्या की सुपारी दी थी। अदालत के आदेश के अनुसार, लॉरेंस ने जेल में ही बैठे शूटरों के ज़रिये फायरिंग कराई थी। यह मामला उस समय और गंभीर हो गया जब पुलिस की गहन पूछताछ से यह पता चला कि हत्या का लक्ष्य स्थानीय राजनीतिक स्थिति को प्रभावित करना था, क्योंकि सरदार राव के नेतृत्व में आगामी पंचायत चुनावों में संभावित हार का डर था।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि लॉरेंस गैंग, जो पंजाब और राजस्थान समेत कई राज्यों में सक्रिय है, हत्या की योजना को अंजाम देने के लिए अपने नेटवर्क का उपयोग करता रहा है। लॉरेंस बिश्नोई राजस्थान, पंजाब और हरियाणा में कई संगठित अपराध मामलों में शामिल रहा है, जिनमें लक्षित हत्याएं, बन्दूकधारी हमला और वसूली जैसे अपराध शामिल हैं।
इस सरपंचहत्या मामले में पिछले कई वर्षों में कई आरोपियों को गिरफ्तार भी किया गया था, लेकिन लॉरेंस की भूमिका पर बहुत समय तक विवाद बना रहा। कोर्ट में सुबूतों की विस्तृत समीक्षा के बाद मंगलवार को आए फैसले में उसे दोषी ठहराया गया और सजा की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश की अदालत ने तार्किक सबूतों और पुलिस रिपोर्टों के आधार पर यह निर्णय सुनाया।
इसी बीच पुलिस प्रशासन ने कहा है कि वे इस फैसले से प्रभावित नहीं होंगे और राजस्थान में संगठित अपराध के मामलों में लगातार कार्रवाई जारी रखेंगे। प्रदेश पुलिस प्रमुख ने मीडिया को बताया कि गैंगस्टर लॉरेंस के नेटवर्क के खिलाफ कई अन्य मामलों में भी जांच जारी है और जल्द ही चार्जशीट दायर की जाएगी।
दूसरी ओर गांव के लोगों का कहना है कि इस फैसले से उनके समुदाय को न्याय मिला है और वे उम्मीद कर रहे हैं कि आगे होने वाले चुनावों में भी अपराधमुक्त माहौल सुनिश्चित किया जाएगा। स्थानीय प्रशासन ने भी कहा है कि सुरक्षा बढ़ाने और अपराधियों पर लगाम लगाने के लिए विशेष योजनाएँ लागू की जाएँगी।
गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई की गैंग को अब भारत सरकार और पुलिस संगठित अपराध के प्रमुख गिरोहों में मान रही है, जिसके खिलाफ कई राज्यों में अभियान चल रहा है।
Author: Umesh Kumar
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