जयपुर ACB ने परिवहन विभाग में भ्रष्टाचार की बड़ी गैंग बेनकाब की
जयपुर (राजस्थान) — राजस्थान के परिवहन विभाग में भ्रष्टाचार की जड़ें कितनी गहरी हैं, इस संबंध में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने एक बड़ा खुलासा किया है। ACB ने आरटीओ इंस्पेक्टर सहित विभाग के 13 कर्मचारियों और दलालों को गिरफ्तार किया, जिन पर आरोप है कि उन्होंने सुनियोजित तरीके से अवैध वसूली का नेटवर्क बनाया था और उसमें दलालों को फिक्स कमीशन देने का सिस्टम चलाया गया था।
इसी बीच, ACB के अनुसार इस गिरोह का मुख्य केंद्र जयपुर के परिवहन कार्यालय और आसपास के इलाकों में था। विभाग के कर्मचारियों और दलालों के पास लाइसेंस, वाहनों का पंजीकरण और अन्य RTO सेवाओं में मदद के नाम पर जनता से अवैध वसूली की जाती थी। आरोपियों पर यह भी आरोप है कि कमिशन की तय राशि और सूची के आधार पर वसूली होती थी।
ACB ने सोमवार को जारी बयान में कहा कि उन्हें कई महीनों से शिकायतें मिली थीं कि लोगों को बिना दलाल या रिश्वत दिए RTO सेवाएँ नहीं दी जा रही। शिकायतें मिलते ही ACB ने छानबीन तेज़ की और कई मोटे सबूत जुटाए। इसके बाद उन्होंने आरोपियों के ठिकानों पर छापेमारी कर गिरफ्तारी तथा सबूत जब्त किए।
ACB अधिकारी ने बताया कि इस गिरोह के भीतर एक संगठित कमीशन नेटवर्क काम कर रहा था, जिसमें दलाल पहले से तय राशि लेते और वाहन पंजीकरण, लाइसेंस या अन्य ट्रांसपोर्ट सेवाओं में जनता के लिए रास्ता साफ़ करते थे। विभाग के कर्मचारियों को भी इसी कमीशन का हिस्सा मिलता था।
इसके अलावा, ACB ने कहा कि इस तरह की अवैध वसूली से आम जनता को भारी आर्थिक व मानसिक कष्ट उठाना पड़ा। लोग शिकायत दर्ज कराने के बावजूद कई बार शिकार बनते रहे, क्योंकि बिना दलाल या रिश्वत के काम मुश्किल था।
Rajasthan के परिवहन विभाग में भ्रष्टाचार के इस नेटवर्क की गहराई केवल जयपुर तक सीमित नहीं है, बल्कि कई इलाकों में जनता से अवैध वसूली की शिकायतें लंबे समय से सामने आ रही हैं। कुछ रिपोर्टों में यह भी कहा गया है कि RTO कार्यालयों में कर्मचारी केवल दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर करने तक सीमित रह जाते हैं, और काम एजेंटों के भरोसे चलता है।
ACB के महानिदेशक (DIG स्तर) ने एक आधिकारिक बयान में कहा कि यह कार्रवाई राज्य सरकार की भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन की प्रतिबद्धता का हिस्सा है। उन्होंने आम जनता से अपील की कि यदि वे ऐसी किसी भी अवैध वसूली या दलाल नेटवर्क के बारे में जानते हैं, तो वे ACB की हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराएँ।
दूसरी ओर, परिवहन विभाग के मुख्य प्रवक्ता ने जल्द ही एक आंतरिक समीक्षा का वादा किया है और कहा है कि विभाग पारदर्शिता और जवाबदेही को बढ़ाने के लिए कदम उठाएगा।
इन गिरफ्तारीयों और खुलासे के बाद, यह साफ है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई में ACB ने एक महत्वपूर्ण काम किया है, परन्तु यह भी स्पष्ट है कि विभाग में सिस्टमेटिक अवैध वसूली और दलाल-आधारित कमीशन नेटवर्क की समस्या अभी चुनौती बनी हुई है।
Author: Umesh Kumar
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