जयपुर में SMS अस्पताल का विस्तार: बेड क्षमता और सुविधाओं में बड़ा विस्तार
राजस्थान की राजधानी जयपुर में स्थित एसएमएस मेडिकल कॉलेज और उसके संबद्ध अस्पतालों में स्वास्थ्य संसाधनों का विस्तार तेज़ी से हो रहा है। हालांकि इसे दुनिया का सबसे बड़ा अस्पताल घोषित करने वाले दावों का अब तक कोई स्वतंत्र विश्वसनीय स्रोत पुष्टि नहीं करता, लेकिन नए प्रोजेक्ट्स से इस अस्पताल की बेड क्षमता और उपचार सुविधाओं को बढ़ाने का काम जारी है।
जयपुर के SMS अस्पताल में मौजूदा समय में हजारों बेड और OPD/ICU सुविधाएँ हैं। 2025 में OPD में मरीजों की संख्या में विशिष्ट वृद्धि दर्ज की गई, जिसमें पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 1.2 लाख अधिक मरीजों को सेवाएँ प्रदान की गईं। इससे स्पष्ट होता है कि अस्पताल में रोगियों की बढ़ती संख्या को संभालने के लिये विस्तार की आवश्यकता है।
इसी क्रम में, अस्पताल परिसर में एक 24‑मंजिला IPD टॉवर का निर्माण प्रस्तावित है। इस नए टॉवर में लगभग 1,243 अतिरिक्त बेड होंगे, जिनमें जनरल, ICU और प्रीमियम बेड शामिल हैं। इसके ऊपर हेलीकॉप्टर के उतरने के लिये हेलीपैड भी बनाया जाएगा। इस परियोजना को अत्याधुनिक सुविधाओं के साथ विकसित किया जा रहा है, जिसमें 20 ऑपरेशन थिएटर, बड़े वेटिंग हॉल, डबल बेसमेंट पार्किंग और आधुनिक जांच केंद्र शामिल होंगे।
एसएमएस अस्पताल प्रशासन के अनुसार यह टॉवर उन रोगियों के लिये महत्वपूर्ण राहत प्रदान करेगा, जिन्हें वर्तमान में गंभीर उपचार के लिये सुविधाओं की कमी का सामना करना पड़ता है। हेलीपैड होने से एयर एम्बुलेंस सेवाओं को सीधा अस्पताल परिसर तक पहुंच प्रदान करने की भी संभावना रहेगी।
वहीं, अस्पताल के प्रशासनिक अधिकारियों और चिकित्सा शिक्षा विभाग के बीच नियमित बैठकें आयोजित की जा रही हैं, जिनमें इन प्रोजेक्ट्स के कार्यान्वयन पर चर्चा की जाती है। इसके अलावा अस्पताल में कार्डियोलॉजी और अन्य सुपर‑स्पेशियलिटी विभागों के विस्तार के लिये भी योजनाएं चल रही हैं। इन कदमों से मरीजों को बेहतर इलाज, उन्नत तकनीकी सहायता और सुधारित इमरजेंसी सेवाएँ मिलने की उम्मीद है।
दूसरी ओर, स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि अस्पताल की क्षमता वृद्धि के बावजूद संसाधनों का उचित प्रबंधन, पर्याप्त चिकित्सक और नर्सिंग स्टाफ, और तकनीकी बुनियादी ढांचे का समर्थन आवश्यक है, ताकि प्रत्येक मरीज को समय पर गुणवत्ता उपचार मिल सके। उन्होंने यह भी कहा कि बड़े अस्पताल में विस्तार के साथ साथ प्रशासन को सेवाओं की गुणवत्ता बनाए रखना चाहिए।
विशेषज्ञों के अनुसार यह विस्तार राजस्थान और आसपास के राज्यों से आने वाले मरीजों को बेहतर सेवाएँ उपलब्ध कराएगा, जिससे इलाज के लिये लंबी यात्रा और निजी अस्पतालों पर निर्भरता कम होगी। इसके अलावा आईसीयू, हेल्थस्क्रीनिंग, आपातकालीन सेवाओं और सुपर‑स्पेशियलिटी ट्रीटमेंट के लिये भी मरीजों को विस्तृत विकल्प मिलेंगे।
Author: Umesh Kumar
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