MSP 2585: गेहूं खरीद के लिए 1 फरवरी से पंजीकरण
राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले में गेहूं खरीद के लिए MSP 2585 रुपए प्रति क्विंटल तय किए गए हैं। यह निर्णय रबी विपणन सीजन 2026-27 के अंतर्गत किसानों को उचित मूल्य दिलाने के उद्देश्य से केंद्र और राज्य सरकार ने मिलकर लिया है। MSP के तहत किसानों को उनकी उपज बेचना अधिक फायदेमंद होगा।
इसी बीच, राज्य सरकार ने घोषणा की है कि गेहूं खरीद हेतु पंजीकरण 1 फरवरी 2026 से शुरू होगा। किसान 1 फरवरी से 25 फरवरी 2026 तक खुद या ई-मित्र केंद्र के माध्यम से विभाग की वेबसाइट पर पंजीकरण करवा सकते हैं। इसके लिए किसान के पास अपडेटेड जन आधार कार्ड और बैंक खाता विवरण होना अनिवार्य है ताकि भुगतान सीधे बैंक खाते में हो सके।
वहीं कृषि अधिकारीयों ने बताया कि राज्य भर में कुल 383 खरीद केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें से हनुमानगढ़ जिले के 66 केंद्र विशेष रूप से तय किए गए हैं ताकि स्थानीय किसानों को आसानी से अपनी उपज MSP पर बेचने का मौका मिल सके। इन केंद्रों पर किसान मार्च के दूसरे सप्ताह में अपनी गेहूं की उपज लेकर आ सकते हैं।
स्थान और प्रक्रिया
हनुमानगढ़ जिला, जो राजस्थान के उत्तर-पश्चिमी हिस्से में स्थित है, कृषि प्रधान इलाका है। यहां गेहूं किसान रबी फसल के बाद अपनी उपज सरकारी योजनाओं के तहत बेच सकते हैं। MSP योजना के तहत खरीद राजस्थान राज्य खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग द्वारा संचालित की जाएगी। किसान अपने नजदीकी खरीद केंद्र पर गेहूं लेकर पहुंचेंगे और गुणवत्ता जांच के बाद उत्पाद का वजन तय किया जाएगा।
इसके अलावा, सरकार ने बताया है कि 10 मार्च 2026 से 30 जून 2026 तक खरीदी प्रक्रिया पूरी तरह से जारी रहेगी। यह अवधि किसानों को पर्याप्त समय देती है ताकि वे MSP के लाभ का लाभ उठा सकें और अपनी फसल को बिना किसी दिक्कत के बेच सकें। इसी दौरान विभाग की वेबसाइट और टोल-फ्री हेल्पलाइन भी उपलब्ध रहेगी जिससे किसान किसी भी समस्या का समाधान ले सकते हैं।
पिछला रेट और तुलना
हाल ही में केंद्र सरकार ने तय किया है कि गेहूं का MSP 2585 रुपए प्रति क्विंटल रहेगा, जो पिछले विपणन मौसम की तुलना में बढ़ा हुआ है। इससे किसानों को बाजार में भाव गिरने की स्थिति में भी एक न्यूनतम आर्थिक सुरक्षा मिलेगी। MSP प्रणाली से पहले गेहूं के दाम मंडियों में उथल-पुथल के कारण कम-ज्यादा होते थे, जिससे किसान लाभ नहीं उठा पाते थे। MSP के तय होने से ऐसा जोखिम कम होने की उम्मीद है।
पुलिस / प्रशासन का official statement
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के अधिकारी ने कहा है कि MSP और पंजीकरण प्रक्रिया किसानों की आमदनी और आर्थिक सुरक्षा बढ़ाने के लिए हैं। उन्होंने सभी किसानों से अपील की है कि वे निर्धारित अवधि के भीतर पंजीकरण कराएं तथा अपनी उपज MSP के तहत बेचें ताकि सरकारी सहायता का पूरा लाभ मिल सके।
सब मिलाकर, MSP 2585 की घोषणा और हनुमानगढ़ में 66 केंद्रों का गठन किसानों के लिए राहत भरी खबर है। पंजीकरण 1 फरवरी से शुरू होने के कारण किसान समय रहते अपनी उपज बेचकर बेहतर लाभ कमा सकते हैं।
Author: Umesh Kumar
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