सिरसा में भंडारे के दौरान चेन स्नैचिंग, महिला शिकार
हरियाणा के सिरसा शहर में धार्मिक आयोजन के दौरान लूट की वारदात सामने आई है। भंडारा लगाए जाने के दौरान अज्ञात बदमाशों ने एक महिला के गले से सोने की चेन तोड़ ली। इसी दौरान भंडारे में सेवा कर रहे एक सेवादार के 25 हजार रुपए नकद भी चोरी कर लिए गए। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया।
पुलिस के अनुसार, यह वारदात सिरसा शहर के एक सार्वजनिक स्थान पर उस समय हुई, जब बड़ी संख्या में श्रद्धालु भंडारे में प्रसाद ग्रहण कर रहे थे। भीड़ का फायदा उठाते हुए बदमाशों ने महिला को निशाना बनाया और मौका देखकर उसके गले से चेन तोड़कर फरार हो गए। महिला को कुछ समझ आता, उससे पहले ही आरोपी भीड़ में गायब हो चुके थे।
इसी बीच, भंडारे में व्यवस्था संभाल रहे एक सेवादार ने भी पुलिस को शिकायत दी कि उसके पास रखे 25 हजार रुपए नकद चोरी हो गए। बताया गया कि यह राशि भंडारे की व्यवस्था और सामग्री के लिए एकत्र की गई थी। चोरी का पता तब चला, जब कैश बैग चेक किया गया।
वहीं सूचना मिलने पर संबंधित थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जानकारी जुटानी शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि भीड़भाड़ वाले आयोजनों में इस तरह की लूट और चोरी की घटनाओं को अंजाम देने वाले गिरोह सक्रिय रहते हैं।
इसके अलावा, पुलिस ने पीड़ित महिला और सेवादार के बयान दर्ज कर लिए हैं। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि दोनों घटनाएं एक ही गिरोह द्वारा अंजाम दी गई हैं या अलग-अलग आरोपियों की भूमिका है। आसपास मौजूद लोगों से भी पूछताछ की जा रही है।
दूसरी ओर, स्थानीय लोगों का कहना है कि धार्मिक आयोजनों और भंडारों के दौरान पर्याप्त पुलिस व्यवस्था नहीं होने से बदमाशों के हौसले बढ़ जाते हैं। इससे पहले भी सिरसा में भीड़भाड़ वाले इलाकों में चेन स्नैचिंग की घटनाएं सामने आ चुकी हैं।
इसलिए पुलिस प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि ऐसे आयोजनों में कीमती सामान पहनने या खुले में नकदी रखने से बचें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत पुलिस को सूचना देने को कहा गया है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपियों की पहचान कर कार्रवाई की जाएगी।
कुल मिलाकर, सिरसा में भंडारे के दौरान हुई यह लूट की वारदात सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है। पुलिस जांच के बाद ही साफ हो पाएगा कि आरोपी कौन थे और चोरी गई चेन व नकदी की बरामदगी कब तक हो पाती है।
Author: Umesh Kumar
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