अदालती आदेश के बावजूद किसान को न्याय नहीं, धरने की चेतावनी
हनुमानगढ़, राजस्थान में एक किसान को न्याय के लिए पिछले 8 महीनों से इंतजार करना पड़ रहा है। आरोप है कि अदालत के स्पष्ट आदेशों के बावजूद संबंधित विभाग ने आज तक किसान की सिंचाई पाइपलाइन नहीं जोड़ी। अब किसान ने प्रशासन के खिलाफ अनिश्चितकालीन धरना शुरू करने की चेतावनी दी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार मामला हनुमानगढ़ जिले के ग्रामीण क्षेत्र से जुड़ा है, जहां किसान ने अपनी कृषि भूमि के लिए अधिकृत सिंचाई पाइपलाइन कनेक्शन की मांग की थी। किसान का कहना है कि उसने सभी आवश्यक दस्तावेज पूरे किए और मामला न्यायालय तक पहुंचा। अदालत ने भी पाइपलाइन जोड़ने के आदेश दिए, इसके बावजूद आदेशों का पालन नहीं किया गया।
इसी बीच किसान ने कई बार संबंधित सिंचाई विभाग और स्थानीय प्रशासन के अधिकारियों से संपर्क किया। उसने लिखित शिकायतें भी दीं, लेकिन हर बार आश्वासन के अलावा कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। किसान का आरोप है कि विभागीय लापरवाही के कारण उसकी फसल प्रभावित हो रही है और आर्थिक नुकसान लगातार बढ़ता जा रहा है।
वहीं किसान का कहना है कि अदालत का आदेश मिलने के बाद उसे उम्मीद थी कि जल्द समाधान होगा, लेकिन 8 महीने बीत जाने के बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है। किसान ने बताया कि पाइपलाइन न जुड़ने से खेत तक पानी नहीं पहुंच पा रहा, जिससे खेती करना मुश्किल हो गया है।
इसके अलावा किसान ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि जल्द पाइपलाइन नहीं जोड़ी गई, तो वह संबंधित कार्यालय के बाहर अनिश्चितकालीन धरना शुरू करेगा। किसान ने कहा कि यह धरना तब तक जारी रहेगा, जब तक उसे उसका कानूनी अधिकार और न्याय नहीं मिल जाता।
दूसरी ओर प्रशासनिक स्तर पर इस मामले में औपचारिक प्रतिक्रिया सीमित रही है। संबंधित विभाग के अधिकारियों का कहना है कि प्रकरण उनके संज्ञान में है और तकनीकी कारणों से देरी हुई है। हालांकि, अधिकारियों ने यह भी कहा है कि मामले की समीक्षा कर शीघ्र समाधान का प्रयास किया जाएगा।
इसलिए यह मामला अब केवल एक किसान की समस्या नहीं, बल्कि प्रशासनिक जवाबदेही से भी जुड़ गया है। स्थानीय किसानों और सामाजिक संगठनों का कहना है कि यदि अदालत के आदेशों का भी पालन नहीं होता, तो आम नागरिक को न्याय कैसे मिलेगा।
फिलहाल किसान न्याय की आस में है और प्रशासन की अगली कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
Author: Umesh Kumar
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