श्रीगंगानगर में कृषि अधिकारियों की किसानों से अपील, फसल बीमा कराएं और बीज खुद तैयार करें
राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले में किसानों को प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान से बचाने के लिए फसलबीमा को जरूरी बताया गया है। कृषि विभाग के अधिकारियों ने किसानों से अपील की है कि वे फसल बीमा योजना से जुड़ें और अपनी फसलों को सुरक्षित करें। अधिकारियों का कहना है कि बदलते मौसम और अनिश्चित जलवायु के कारण खेती में जोखिम लगातार बढ़ रहा है।
जानकारी के अनुसार यह अपील श्रीगंगानगर जिले के कृषि विभाग कार्यालय में आयोजित एक बैठक और जागरूकता कार्यक्रम के दौरान की गई। यह कार्यक्रम गुरुवार को दोपहर करीब 12 बजे आयोजित हुआ, जिसमें जिले के विभिन्न गांवों से आए किसान शामिल हुए। अधिकारियों ने किसानों को बताया कि ओलावृष्टि, अतिवृष्टि, सूखा और कीट प्रकोप जैसी आपदाओं से होने वाले नुकसान की भरपाई फसलबीमा के जरिए ही संभव है।
फसल बीमा क्यों है जरूरी
कृषि विशेषज्ञों ने बताया कि कई किसान प्राकृतिक आपदा के बाद भारी आर्थिक संकट में फंस जाते हैं। फसलबीमा होने पर किसानों को समय पर मुआवजा मिल सकता है, जिससे वे अगली फसल की तैयारी कर सकें। इसके अलावा बैंक से लिए गए कृषि ऋण की अदायगी में भी राहत मिलती है।
इसी बीच अधिकारियों ने किसानों को यह भी सलाह दी कि वे बाजार से खरीदे गए महंगे बीजों पर निर्भर न रहें। इसके बजाय किसान अपनी उपज से ही बीज तैयार करें। इससे खेती की लागत कम होगी और बीज की गुणवत्ता पर भी किसानों का नियंत्रण रहेगा।
अपना बीज खुद तैयार करने की सलाह
कृषि विभाग के अधिकारियों ने कहा कि स्थानीय जलवायु के अनुसार तैयार किया गया बीज अधिक उत्पादन देने में सहायक होता है। इसके अलावा ऐसे बीज रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बेहतर रखते हैं। इसलिए किसानों को वैज्ञानिक तरीके से बीज चयन और भंडारण की जानकारी दी गई।
दूसरी ओर अधिकारियों ने यह भी बताया कि बीज उपचार और सही भंडारण से फसलों में रोगों की संभावना कम की जा सकती है। इससे उत्पादन लागत घटेगी और मुनाफा बढ़ेगा।
प्रशासन और विभाग का बयान
कृषि विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि जिले में फसलबीमा योजना के तहत पंजीकरण की प्रक्रिया चल रही है। उन्होंने किसानों से अंतिम तिथि से पहले आवेदन करने की अपील की। अधिकारी ने कहा कि सरकार की मंशा है कि हर किसान प्राकृतिक आपदाओं से सुरक्षित रहे।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि बीमा क्लेम की प्रक्रिया को सरल बनाया गया है, ताकि किसानों को समय पर लाभ मिल सके। इसलिए किसी भी समस्या की स्थिति में किसान नजदीकी कृषि कार्यालय या बीमा कंपनी से संपर्क कर सकते हैं।
फिलहाल कृषि विभाग किसानों को लगातार जागरूक कर रहा है। प्रशासन का मानना है कि फसलबीमा और स्वयं तैयार बीज किसानों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में अहम कदम साबित होंगे।
Author: Umesh Kumar
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