किसान: श्रीगंगानगर में विरोध, 12 को कलेक्ट्रेट पड़ाव

श्रीगंगानगर में किसानों का विरोध, 12 को कलेक्ट्रेट पर पड़ाव

श्रीगंगानगर, राजस्थान: किसान समस्याओं को लेकर जिले में विरोध-प्रदर्शन तेज हो गया है। किसानों ने प्रशासन से सवाल करते हुए कहा कि यदि मौजूदा व्यवस्थाएं बदली जा रही हैं तो वैकल्पिक व्यवस्था क्या होगी, यह साफ-साफ बताया जाए। इसी मांग को लेकर किसान संगठनों ने 12 जनवरी को जिला कलेक्ट्रेट पर पड़ाव डालने का ऐलान किया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार यह प्रदर्शन श्रीगंगानगर शहर के विभिन्न ग्रामीण इलाकों से पहुंचे किसानों द्वारा किया गया। प्रदर्शन का मुख्य केंद्र कलेक्ट्रेट रोड और आसपास का क्षेत्र रहा, जहां किसान एकत्रित होकर नारेबाजी करते दिखे। किसानों का कहना है कि हाल के प्रशासनिक फैसलों से खेती, सिंचाई और रोजमर्रा के कृषि कार्यों पर सीधा असर पड़ रहा है।

इसी बीच किसानों ने स्पष्ट कहा कि अधिकारी केवल आदेश जारी कर रहे हैं, लेकिन जमीन पर लागू होने वाली व्यवहारिक व्यवस्था की जानकारी नहीं दी जा रही। प्रदर्शन में शामिल किसानों ने बताया कि यदि कोई पुरानी व्यवस्था समाप्त की जा रही है, तो उसका विकल्प पहले से तय होना चाहिए, ताकि किसानों को नुकसान न झेलना पड़े।

वहीं, प्रदर्शन की सूचना पर श्रीगंगानगर कोतवाली थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति पर नजर बनाए रखी। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा और किसी प्रकार की अव्यवस्था की स्थिति नहीं बनी। किसानों ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपते हुए अपनी मांगें लिखित रूप में रखीं।

इसके अलावा किसान नेताओं ने कहा कि कई बार अधिकारियों से बातचीत की कोशिश की गई, लेकिन संतोषजनक जवाब नहीं मिला। इसलिए अब सामूहिक रूप से दबाव बनाना जरूरी हो गया है। किसानों के अनुसार 12 जनवरी को होने वाला पड़ाव पूरी तरह शांतिपूर्ण होगा, लेकिन मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन को और व्यापक किया जा सकता है।

दूसरी ओर जिला प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि किसानों की मांगों पर विचार किया जा रहा है। अधिकारी के अनुसार संबंधित विभागों से रिपोर्ट मंगाई गई है और वैकल्पिक व्यवस्था को लेकर जल्द ही स्थिति स्पष्ट की जाएगी। उन्होंने किसानों से संयम बनाए रखने की अपील भी की है।

जानकारों का कहना है कि श्रीगंगानगर एक प्रमुख कृषि जिला है और यहां किसी भी नीतिगत बदलाव का सीधा असर बड़ी संख्या में किसानों पर पड़ता है। इसलिए संवाद और स्पष्ट नीति बेहद जरूरी है। यही वजह है कि इस विरोध-प्रदर्शन को आने वाले दिनों में प्रशासन के लिए एक अहम चुनौती के रूप में देखा जा रहा है।

फिलहाल किसान संगठनों ने दोहराया है कि जब तक उनकी शंकाओं का समाधान नहीं किया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। 12 जनवरी को कलेक्ट्रेट पर पड़ाव के दौरान आगे की रणनीति पर भी निर्णय लिया जाएगा।

Umesh Kumar
Author: Umesh Kumar

welcome to Jhalko Bagdi

Picture of Umesh Kumar

Umesh Kumar

Leave a Comment

Leave a Comment

इस पोस्ट से जुड़े हुए हैशटैग्स