गंगनहर में पानी की मांग को लेकर किसानों का प्रदर्शन, गंगासिंह चौक पर धरना
श्रीगंगानगर, राजस्थान में पानी की कमी को लेकर किसानों का आक्रोश सामने आया है। गंगनहर में सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी नहीं मिलने से नाराज किसानों ने विरोध-प्रदर्शन करते हुए गंगासिंह चौक पर धरना दिया। किसानों ने मांग की कि गंगनहर में पूरा पानी छोड़ा जाए, ताकि फसलों की सिंचाई प्रभावित न हो।
जानकारी के अनुसार क्षेत्र के किसान लंबे समय से गंगनहर के टेल और मिडिल क्षेत्रों में पानी की कमी की शिकायत कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि मौजूदा जल आपूर्ति से खेतों तक पर्याप्त पानी नहीं पहुंच पा रहा है, जिससे खड़ी फसलें सूखने की कगार पर हैं। इसी बीच किसानों ने प्रशासन का ध्यान आकर्षित करने के लिए सामूहिक रूप से धरना-प्रदर्शन का रास्ता अपनाया।
वहीं प्रदर्शन के दौरान किसानों ने आरोप लगाया कि नहरों में तय रोस्टर के अनुसार पानी नहीं छोड़ा जा रहा। उनका कहना है कि कुछ क्षेत्रों को पर्याप्त पानी मिल रहा है, जबकि अन्य गांवों में सिंचाई पूरी तरह ठप पड़ी है। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
धरना श्रीगंगानगर शहर के गंगासिंह चौक पर दिया गया, जहां बड़ी संख्या में किसान एकत्र हुए। प्रदर्शन को देखते हुए संबंधित थाना क्षेत्र की पुलिस मौके पर तैनात रही, ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे। पुलिस अधिकारियों ने किसानों से बातचीत कर स्थिति को शांत रखने की अपील की।
इसके अलावा सिंचाई विभाग के अधिकारियों को भी सूचना दी गई, जिसके बाद विभाग की ओर से किसानों को समस्या के समाधान का आश्वासन दिया गया। हालांकि, प्रदर्शनकारी किसानों का कहना है कि केवल आश्वासन से काम नहीं चलेगा और जब तक गंगनहर में पूरा पानी नहीं छोड़ा जाता, तब तक उनकी समस्या दूर नहीं होगी।
दूसरी ओर किसानों ने यह भी बताया कि इस समय रबी फसलों की सिंचाई बेहद जरूरी है। पानी की कमी के कारण उत्पादन प्रभावित होने की आशंका है, जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। किसानों का कहना है कि यदि समय रहते पानी नहीं मिला, तो फसल खराब होने की जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
इसलिए किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि गंगनहर में तुरंत पूरा पानी छोड़ा जाए और सभी क्षेत्रों में समान रूप से जल आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। प्रशासन और सिंचाई विभाग की ओर से फिलहाल स्थिति की समीक्षा किए जाने की बात कही गई है।
Author: Umesh Kumar
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