जयपुर में Gen‑Z ने अरावली बचाने मशाल जुलूस निकाला, नकली नोट उड़ाए
जयपुर (राजस्थान) में अरावली पर्वतमाला को बचाने के लिए बुधवार रात जनरेशन‑Z (युवा पीढ़ी) के समर्थकों ने सड़क पर विरोध प्रदर्शन किया।
इस आंदोलन में युवाओं ने मशाल जुलूस निकाला और विरोध के प्रतीक के रूप में हवा में नकली नोट उड़ाए।
यह विरोध प्रदर्शन अरावली संरक्षण और सरकारी नीतियों के खिलाफ था, जिसमें युवाओं ने कहा कि प्रकृति को पैसे के लालच में नष्ट नहीं किया जाना चाहिए। Navbharat Times
प्रदर्शन एसएमएस स्टेडियम के पास टोंक रोड गेट से शुरू हुआ और रामबाग सर्किल व अंबेडकर सर्किल होते हुए अमर जवान ज्योति तक पहुंचा।
इस दौरान युवा नारे लगाते हुए आगे बढ़े और अरावली की रक्षा के लिए जागरूकता फैलाने का संदेश दिया।
युवाओं ने सरकार की नीतियों की आलोचना करते हुए कहा कि अरावली पर्वतमाला के संरक्षण में आनुपातिक संरक्षण विधियों की आवश्यकता है। Navbharat Times
📅 घटना का समय और तारीख:
यह विरोध मार्च 24 दिसंबर 2025 की रात आयोजित किया गया था, जब शहर की युवा पीढ़ी ने पर्यावरण संरक्षण की गंभीर चिंता को व्यक्त किया।
📍 स्थान: जयपुर, राजस्थान। Navbharat Times
👨👩👧 Gen‑Z युवाओं की भूमिका:
प्रदर्शन में बड़ी संख्या में युवा शामिल हुए, जिन्हें सोशल मीडिया पर “Gen‑Z” के नाम से जाना जाता है।
ये युवा मुख्य रूप से पर्यावरणीय संरक्षण और भविष्य की संजीवनी के लिए आवाज़ उठा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि अगर अरावली पर्वतमाला को नुकसान पहुँचाया गया तो राज्य की हवा, पानी और प्राकृतिक संसाधन प्रभावित होंगे।
उन्होंने यह भी कहा कि युवा केवल नाराज़गी नहीं जता रहे बल्कि भविष्य की पीढ़ियों के अधिकार और प्रकृति की सुरक्षा के लिए गंभीर चिंता व्यक्त कर रहे हैं। Live Hindustan
📌 नकली नोट और प्रतीकात्मक विरोध:
युवा प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार के फैसलों का विरोध प्रतीकात्मक तरीके से किया।
उन्होंने नकली नोट हवा में उड़ाकर सरकार के प्रति यह संदेश दिया कि पैसे के लालच में प्रकृति को नहीं बेचना चाहिए।
यह प्रदर्शन अरावली संरक्षण के मुद्दे को गंभीर रूप से उठाने के लिए किया गया।
कार्तिकेय भारद्वाज जैसे कुछ युवाओं ने इस संदेश को आगे बढ़ाया और कहा कि अरावली की रक्षा के लिए युवा सक्रिय हैं। Navbharat Times
🚓 प्रशासन और प्रतिक्रिया:
विरोध प्रदर्शन शांतिपूर्ण रूप से हुआ और पुलिस ने इसे अनुमति‑प्राप्त मार्च के रूप में देखा।
किसी प्रकार के हिंसात्मक कृत्य की खबर नहीं है।
हालाँकि, कुछ राजनीतिक और सामाजिक समूहों ने इस आंदोलन पर सवाल उठाए हैं, यह दर्शाते हुए कि आंदोलन कभी‑कभी राजनीतिक रूप से भड़काऊ भी हो सकता है। Times Now Navbharat
🔍 Background:
अरावली पर्वतमाला पर्यावरण के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह न केवल आसपास के इलाकों में वर्षा, जल संरक्षण और जैव विविधता को बनाए रखने में मदद करती है, बल्कि राजस्थान से NCR तक की हवा‑पानी की गुणवत्ता पर भी प्रभाव डालती है।
पिछले हफ्तों में सुप्रीम कोर्ट के अरावली की नई परिभाषा को लेकर निर्णय के बाद यह आंदोलन तेज़ हुआ है, क्योंकि नए नियम पर्यावरण संरक्षण के दायरे को संकीर्ण कर सकते हैं।
इसलिए युवा और सामाजिक समूहण वर्तमान में अपने भविष्य की सांसों के लिए आवाज़ उठा रहे हैं। Navbharat Times+1
Author: Umesh Kumar
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