स्कूलहंगामा: क्रिसमस पर उत्पात, तीन गिरफ्तार

क्रिसमस पर स्कूल में हंगामा, युवकों ने तोड़फोड़ व मारपीट; तीन गिरफ्तार

स्कूलहंगामा तब शुरू हुआ जब राजस्थान के नागौर में क्रिसमस उत्सव के दौरान कुछ युवकों ने स्कूल के कार्यक्रम में अचानक दखल दिया। यह घटना 25 दिसंबर 2025 को दोपहर के समय उस समय हुई, जब निजी विद्यालय में बच्चे एवं स्टाफ क्रिसमस दिवस मना रहे थे। 🎄 स्कूलहंगामा तनावपूर्ण स्थिति में बदल गया और पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा। Free Press Journal+1

नागौर के कोतवाली पुलिस थाना क्षेत्र में स्थित एक निजी स्कूल के प्रांगण में कार्यक्रम चल रहा था। इसी बीच एक समूह डंडों और लाठियों के साथ अंदर घुस आया और उन्होंने क्रिसमस की सजावट को तोड़ना शुरू कर दिया। स्कूल के कर्मचारियों से मारपीट की गई और छात्रों के बीच भय का माहौल निर्मित हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कुछ युवकों ने धमकियाँ भी दीं, जिससे कई छोटे बच्चे डरकर इधर-उधर भागे। NDTV India

आरोपियों की गतिविधियाँ और पुलिस की सूचना

स्कूल के निदेशक शैतानराम चंगल ने बताया कि युवकों ने स्कूल के डेकोरेशन को उखाड़ फेंका और फर्नीचर को उलट-पुलट किया। आरोपियों ने बच्चों और स्टाफ को धमकाया तथा जमकर उत्पात मचाया। घटना के बाद शिक्षक एवं स्टाफ ने तुरंत कोतवाली थाना पुलिस को सूचित किया। Free Press Journal

पुलिस कार्रवाई एवं गिरफ्तार आरोपियों की पहचान

पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन युवकों को हिरासत में लिया जिनके बारे में शुरुआती जांच में पता चला कि वे खुद को स्थानीय संगठन से जुड़े सदस्य बता रहे थे और क्रिसमस उत्सव के खिलाफ थे। पुलिस ने आरोपियों को कोतवाली थाने ले जाकर पूछताछ शुरू कर दी है। फिलहाल हिरासत में लिए गए तीनों के बारे में विस्तृत पहचान पुलिस द्वारा साझा नहीं की गई है, किन्तु उनकी कथित भूमिका और संगठन से संबंधों की छानबीन जारी है। The Times of India

पुलिस का बयान और आगे की जांच

पुलिस अधिकारी (SHO, कोतवाली) ने कहा कि स्कूल ने अभी तक आधिकारिक शिकायत दर्ज नहीं करायी है, परंतु हिरासत में लिए गए युवकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ाई जा रही है। पुलिस पूरे मामले की विस्तार से जांच कर रही है ताकि स्कूलहंगामा की वास्तविक वजह और आरोपियों के काम को सही रूप से समझा जा सके। जांच टीम स्कूल स्टाफ, छात्रों और मौजूद नागरिकों से बयान भी एकत्रित कर रही है। The Times of India

सामाजिक और शैक्षणिक माहौल पर प्रभाव

इस तरह के स्कूलहंगामा से बच्चों की सुरक्षा पर प्रश्न उठते हैं। कार्यक्रम के दौरान उत्पन्न भय और अस्थिरता ने कई अभिभावकों को चिंतित कर दिया है। दूसरी ओर स्थानीय शैक्षणिक संगठनों ने भी इस घटना की कड़ी निंदा की है और कहा है कि स्कूलों को शांतिपूर्ण उत्सव मनाने का पूरा अधिकार होना चाहिए। Free Press Journal

इसलिए पुलिस प्रशासन और शैक्षणिक समुदाय मिलकर यह सुनिश्चित करने की कोशिश कर रहे हैं कि ऐसे स्कूलहंगामा फिर कभी न हों और शहर के सांप्रदायिक माहौल को संरक्षित किया जा सके।

Umesh Kumar
Author: Umesh Kumar

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