झड़प: अजमेर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस में टकराव

अजमेर में कांग्रेस-पुलिस झड़प, दौसा में डाक बंगले पर हंगामा

अजमेर–दौसा, राजस्थान:
राजस्थान के अजमेर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच झड़प की स्थिति बन गई, जबकि दौसा में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने डाक बंगले का ताला तोड़ने का प्रयास किया। दोनों घटनाओं ने राज्य की राजनीति में हलचल बढ़ा दी है और प्रशासनिक तैयारियों पर भी सवाल खड़े किए हैं।

अजमेर में कांग्रेस कार्यकर्ता एक कार्यक्रम और संगठनात्मक गतिविधि के सिलसिले में एकत्र हुए थे। इस दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच कहासुनी बढ़ी, जो बाद में झड़प में बदल गई। मौके पर मौजूद पुलिस बल ने स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की। प्रशासन का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा। घटना स्थल पर अतिरिक्त जाब्ता तैनात किया गया, ताकि स्थिति बिगड़ने न पाए।

इसी बीच, दौसा से भी कांग्रेस से जुड़ा एक और मामला सामने आया। यहां कार्यकर्ताओं ने डाक बंगले में प्रवेश को लेकर नाराजगी जताई और ताला तोड़ने का प्रयास किया। आरोप है कि कार्यक्रम के दौरान अव्यवस्थाओं के चलते सांसद और विधायकों को बैठने के लिए कुर्सी तक उपलब्ध नहीं हो सकी, जिससे कार्यकर्ताओं में रोष फैल गया।


दौसा में डाक बंगले पर विवाद

दौसा में कांग्रेस नेताओं का कहना है कि प्रशासन की ओर से पहले से सूचना देने के बावजूद उचित व्यवस्थाएं नहीं की गईं। इसी कारण कार्यक्रम स्थल पर अव्यवस्था फैली और नाराज कार्यकर्ताओं ने डाक बंगले के बाहर प्रदर्शन किया। स्थिति को देखते हुए पुलिस मौके पर पहुंची और भीड़ को समझाइश देकर शांत कराने का प्रयास किया।

वहीं, प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि डाक बंगला एक सरकारी संपत्ति है और वहां जबरन प्रवेश या ताला तोड़ने की कोशिश कानूनन अपराध है। मामले को लेकर स्थानीय पुलिस ने स्थिति का जायजा लिया है और वीडियो फुटेज व प्रत्यक्षदर्शियों के बयान के आधार पर जांच की जा रही है।


अजमेर में झड़प के बाद पुलिस की कार्रवाई

दूसरी ओर, अजमेर पुलिस ने बताया कि झड़प के दौरान किसी भी पक्ष को गंभीर चोट की सूचना नहीं है। पुलिस ने दोनों पक्षों से संयम बरतने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि यदि किसी ने कानून हाथ में लेने की कोशिश की, तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह घटनाक्रम आगामी राजनीतिक कार्यक्रमों और संगठनों की गतिविधियों के बीच बढ़ते तनाव का संकेत देता है। झड़प और हंगामे की घटनाएं प्रशासन और राजनीतिक दलों—दोनों के लिए चुनौती बनती जा रही हैं।


पृष्ठभूमि और असर

राजस्थान में हाल के दिनों में राजनीतिक कार्यक्रमों के दौरान अव्यवस्थाओं और विरोध के मामले बढ़े हैं। ऐसे में अजमेर और दौसा की यह घटनाएं प्रशासनिक समन्वय और सुरक्षा व्यवस्था पर फिर से सवाल खड़े करती हैं। आने वाले दिनों में पुलिस-प्रशासन की भूमिका और राजनीतिक दलों की रणनीति पर सबकी नजर रहेगी।

Umesh Kumar
Author: Umesh Kumar

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