पंचकूला दंगो के आरोपी बरी :
ram rahim news: हरियाणा में 7 साल पहले 2018 में डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह को अपनी दो शिष्याओ से रेप के आरोप में पंचकूला की सीबीआई कोर्ट ने 20 वर्ष की सजा सुनाई | डेरा प्रमुख को सजा सुनाने के दौरान हुई पंचकूला में हिंसा के 41 आरोपी आज बरी हो गए, सबूतों के अभाव के कारण हुए बरी | पंचकूला में कुछ लोगों ने मचाया था उपद्रव |
पंचकूला में सात साल पुराने बाबा राम रहीम को सजा सुनाने के दौरान हुई हिंसा मामले में जिला अदालत ने 41 आरपियों को सबूतों की कमी के चलते बरी कर दिया. पुलिस कोर्ट में आरोप साबित नहीं कर पाई | एएसआई प्रकाश चंद की शिकायत पर पुलिस ने इन सभी के खिलाफ मामला दर्ज किया था | सेक्टर-20 थाना पुलिस ने 26 अगस्त 2017 को सरकारी कार्य में बाधा डालने और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने सहित अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था |
पंचकूला हिंसा मामले में जिला अदालत ने सबूतों की कमी के चलते 41 आरोपियों को बरी कर दिया। पुलिस आरोप साबित नहीं कर पाई। 12 गवाहों की गवाही के बावजूद अभियोजन पक्ष विफल रहा. मामला तब हुआ था, जब राम रहीम को कोर्ट ने सजा सुनाई थी | इस केस में एएसआई प्रकाश चंद ने शिकायत में बताया था कि वह अन्य पुलिसकर्मियों के साथ डेरा सच्चा सौदा के गुरमीत राम रहीम की सीबीआई कोर्ट में सुनवाई के दौरान कानून व्यवस्था संभालने के लिए सेक्टर-19 रेलवे फाटक पर ड्यूटी कर रहे थे| उन्हें वायरलेस से सूचना मिली कि गुरमीत राम रहीम को सीबीआई कोर्ट ने दोषी करार दिया है. सजा सुनाए जाने के बाद उसके समर्थकों ने शहर में अफरा-तफरी मचा दी. पुलिसकर्मियों को सतर्क रहने की हिदायत दी गई
जाट आरक्षण हिंसा के 14 आरोपी बरी :
हरियाणा में जाट आरक्षण के आंदोलन के दौरान हिंसा में आरोपी बनाए गए एक ही गांव के 14 लोग 9 साल बाद कोर्ट ने बरी कर दिए। जींद में अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी पूजा सिंगला (ACJM) की कोर्ट ने यह फैसला दिया।इन लोगों ने साल 2016 से लेकर 2025 के बीच 9 साल में 56 बार पेशी भुगती। 57वीं बार में कोर्ट ने उन्हें बरी कर दिया। मगर, केस में आरोपी बनाने से कुछ युवाओं की पढ़ाई से लेकर करियर की उम्मीदें तक चौपट हो गईं। जींद जिले में हिंसा को लेकर 103 लोगों पर केस दर्ज किए गए थे। इनमें से 90 से ज्यादा लोग पहले बरी हो चुके हैं। फरवरी 2016 में जब जाट आरक्षण आंदोलन भड़का था तो रोहतक, झज्जर, सोनीपत, पानीपत, जींद में कई जगह हिंसा हुई।
