नागौर पुलिस को बड़ी सफलता, 21 लाख की स्मैक संग दो तस्कर गिरफ्तार
नागौर जिले में स्मैकतस्करी के खिलाफ स्थानीय पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई कर दो तस्करों को गिरफ़्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपियों के पास से लगभग 21 लाख रुपये मूल्य की स्मैक बरामद की गई है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत पुलिस ने इसी आकलन पर रखी है। यह गिरफ्तारी जिले में नशे की तस्करी को रोकने के लिए जारी सख्त एनडीपीएस एक्ट (Narcotic Drugs and Psychotropic Substances Act) के तहत की गई कार्रवाई का हिस्सा है।
यह बड़ी सफलता नागौर के थाना सदर पुलिस क्षेत्र में हुई। पुलिस ने बताया कि रविवार देर शाम को एक गुप्त सूचना मिली कि कुछ तस्कर स्मैक की तस्करी कर रहे हैं। इसी जानकारी के आधार पर नागौर पुलिस ने नाका/चेकपोस्ट पर वाहन को रोकने के साथ तलाशी अभियान शुरू किया। तलाशी के दौरान पुलिस को दो संदिग्ध व्यक्ति एक कार में दिखाई दिए, जिनके पास से स्मैक का बड़ा जखीरा मिला। इसके बाद दोनों आरोपियों को मौके से गिरफ़्तार कर लिया गया।
आरोपियों की पहचान और बरामदगी
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रवि कुमार (30) और अखिलेश सिंह (28) के रूप में की है। दोनों आरोपी राजस्थान के नागौर जिले के ही निवासी बताए जा रहे हैं। पूछताछ में सामने आया है कि आरोपियों ने राजस्थान के बाहर भी स्मैक की सप्लाई नेटवर्क तैयार कर रखा था और नागौर को ट्रांजिट-हब के रूप में इस्तेमाल कर रहे थे। पुलिस को स्मैक के साथ कुछ डिजिटल उपकरण और मोबाइल फोन भी मिले हैं, जिनके डाटा की जांच जारी है।
एसपी नागौर ने बताया कि यह स्मैकतस्करी का मामला उन गिरोहों की ओर इशारा करता है जो राज्य के अंदर और बाहर नशे के कारोबार को मजबूती से चला रहे हैं। एनडीपीएस एक्ट के तहत दोनों आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। पुलिस टीम ने बताया कि आरोपियों से पूछताछ जारी है और यह संभव है कि इस स्मैक की आपूर्ति का नेटवर्क और भी बड़ा निकले। इसके अलावा पूछताछ से यह पता चल सकता है कि स्मैक की खेप कहाँ से लाई जा रही थी और किस-किस स्थान पर यह सप्लाई होनी थी।
पुलिस की प्रतिक्रिया और आगे की कोशिशें
इस कार्रवाई के बाद नागौर पुलिस ने कहा कि नशे के खिलाफ उनके अभियान में इस तरह की सफलताएँ आम नहीं हैं, लेकिन लगातार निगरानी और गुप्त सूचना तंत्र के कारण तस्करों को धर पकड़ कर आगे की योजनाओं को रोका जा रहा है। पुलिस अधीक्षक ने स्थानीय नागरिकों से अपील की है कि वे संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तुरंत पुलिस को दें, जिससे और अधिक स्मैकतस्करी नेटवर्क को तोड़ा जा सके।
वहीं, अधिकारियों ने यह भी कहा कि स्मैक जैसी अवैध मादक पदार्थों की मांग को कम करने के लिए प्रशासन सामाजिक संगठनों और स्कूलों के साथ जागरुकता कार्यक्रम भी चलाएगा ताकि युवा वर्ग नशे की इस गिरफ़्त से दूरी बनाए रखे।
Author: Umesh Kumar
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