LIC पॉलिसी के नाम पर ठगी, निवेशक से लाखों की ठगी का आरोप
राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले में धोखाधड़ी का एक मामला सामने आया है, जहां LIC पॉलिसी कराने के नाम पर एक व्यक्ति से लाखों रुपए ठगने का आरोप लगाया गया है। पीड़ित का कहना है कि आरोपी ने 10 साल में करीब 7 लाख रुपए रिटर्न मिलने का झांसा देकर निवेश कराया, लेकिन अब न तो रकम लौटाई जा रही है और न ही संतोषजनक जवाब दिया जा रहा है।
मामला श्रीगंगानगर शहर क्षेत्र का बताया जा रहा है। शिकायतकर्ता के अनुसार उसकी पहचान एक व्यक्ति से हुई, जिसने खुद को LIC से जुड़ा बताया। आरोपी ने भरोसा दिलाया कि यदि वह नियमित रूप से पॉलिसी में निवेश करेगा, तो तय समय के बाद उसे अच्छा रिटर्न मिलेगा। इसी भरोसे में आकर पीड़ित ने अलग-अलग किश्तों में रकम जमा करवाई।
इसी बीच जब पॉलिसी से जुड़े दस्तावेज और रिटर्न की जानकारी मांगी गई, तो आरोपी टालमटोल करने लगा। पीड़ित का आरोप है कि बाद में यह भी स्पष्ट हो गया कि दिखाई गई पॉलिसी और बताए गए लाभ LIC के आधिकारिक रिकॉर्ड से मेल नहीं खाते। इसके बाद पीड़ित ने अपनी जमा राशि वापस मांगी, लेकिन आरोपी ने पैसे लौटाने से साफ इनकार कर दिया।
पुलिस में शिकायत, जांच शुरू
घटना से परेशान होकर पीड़ित ने श्रीगंगानगर पुलिस से संपर्क किया और पूरे मामले की लिखित शिकायत दी। शिकायत में धोखाधड़ी और झूठे आश्वासन देकर रकम हड़पने का आरोप लगाया गया है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर प्रारंभिक जांच शुरू कर दी है।
वहीं पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शिकायतकर्ता द्वारा दिए गए बैंक ट्रांजैक्शन, रसीदें और बातचीत से जुड़े साक्ष्यों की जांच की जा रही है। इसके अलावा यह भी देखा जा रहा है कि आरोपी वास्तव में LIC से जुड़ा था या नहीं।
पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले
दूसरी ओर, जिले में पहले भी बीमा और निवेश योजनाओं के नाम पर ठगी के मामले सामने आ चुके हैं। ऐसे मामलों में आमतौर पर लोग ज्यादा रिटर्न के लालच में बिना आधिकारिक सत्यापन के निवेश कर बैठते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी बीमा पॉलिसी से पहले एजेंट का LIC कोड, आधिकारिक दस्तावेज और कंपनी से पुष्टि जरूर करनी चाहिए।
पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल आरोपी की ओर से लगाए गए आरोपों पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। इसलिए पूरे मामले की वास्तविक स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी।
इसलिए यह मामला लोगों के लिए एक चेतावनी है कि निवेश से पहले पूरी जानकारी और सत्यापन बेहद जरूरी है, ताकि धोखाधड़ी से बचा जा सके।
Author: Umesh Kumar
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